
हर सपने की शुरुआत एक छोटी सी चिंगारी से होती है, और अस्पाक खांन के लिए यह चिंगारी बचपन में जली जब उन्होंने अपने पसंदीदा अभिनेताओं को पर्दे पर अभिनय करते देखा। फिल्मों और सीरियल्स के प्रति उनका लगाव इतना गहरा था कि अभिनय उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया। अस्पाक कहते हैं “जब अपने फेवरेट एक्टर को अभिनय करते और गानों पर थिरकते देखा, तो वहीं से अभिनय करने की प्रेरणा मिली। करियर चुनने का समय आया तो उन्होंने खुद से वादा किया कि अब हर कदम एक्टिंग की दिशा में ही बढ़ेगा। यूट्यूब पर संघर्षरत कलाकारों की कहानियाँ पढ़कर उन्हें यकीन हुआ कि मेहनत और जुनून से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है।
उनका पहला ब्रेक “कामधेनु गौ माता” सीरियल से मिला। रात के डेढ़ बजे जब कास्टिंग डायरेक्टर संतोष त्रिपाठी ने उन्हें सिलेक्शन की खबर दी, तो वह पल उनके लिए किसी सपने से कम नहीं था। गाँव के एक साधारण युवक के लिए यह एहसास जादुई था वह अब उस दुनिया में कदम रखने वाला था, जिसे वह बरसों से कल्पनाओं में जी रहा था। अस्पाक की जिंदगी में एक ऐसा मोड़ भी आया जिसने उन्हें भीतर तक बदल दिया। झांसी में थिएटर और फोटोग्राफी करते हुए एक पुलिस केस ने उन्हें गाँव छोड़ने पर मजबूर कर दिया। घर से भागकर मुंबई पहुंचे तो उन्होंने संघर्ष की पराकाष्ठा देखी कई रातें सड़कों पर बिताईं, भूखे सोए, और फिर भी अपने सपनो के तीछे लगे रहे। उसी समय उन्होंने सीखा कि दुनिया आपकी अच्छाइयाँ नहीं, बस आपकी गलतियाँ याद रखती है।

सेट पर पहला दिन उनके लिए सपनों जैसा था। कैमरे के सामने खड़ा होकर उन्होंने महसूस किया कि आपकी मेहनत हमेशा काम आती है। अब उनका सपना है किसी वीर योद्धा का किरदार निभाना — जिसमें ताकत, साहस और देशभक्ति झलके। वर्तमान में वे फिल्म “अघोरम” में एक कांस्टेबल की भूमिका निभा रहे हैं और साथ ही एक वेब सीरीज़ पर भी काम कर रहे हैं। अगले पाँच सालों में वे खुद को बड़े प्रोडक्शन हाउस की फिल्मों में लीड एक्टर के रूप में देखते हैं। अस्पाक खांन की कहानी इस बात का प्रमाण है कि अगर हौसले बुलंद हों और जुनून सच्चा, तो मंज़िल खुद चलकर आपके कदमों में आती है।
लेखक संपादक राहुल कुमार शुक्ला
❤️❤️❤️
You’re such a versatile actor. It’s always good to see you on screen.