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बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा रेखा ने अपनी जिंदगी में जितनी कामयाबी पाई है, उतना ही दर्द भी झेला है। रेखा का जीवन कभी फिल्मों की चमक से भरा रहा, तो कभी विवादों से घिरा। 1990 में उन्होंने दिल्ली के बिजनेसमैन मुकेश अग्रवाल से शादी की थी। उस समय रेखा अपने करियर के शिखर पर थीं और सबको लगा कि उन्हें अब आखिरकार जीवन का सच्चा साथी मिल गया है। लेकिन शादी के कुछ ही महीनों बाद रेखा की जिंदगी में एक भयानक मोड़ आया — उनके पति मुकेश अग्रवाल ने आत्महत्या कर ली।

इस घटना ने रेखा को तोड़कर रख दिया। लेकिन उनके लिए दुख यहीं खत्म नहीं हुआ। पति की मौत के बाद मीडिया और समाज ने उन पर तरह-तरह के आरोप लगाने शुरू कर दिए। कुछ लोगों ने उन्हें ‘डायन’ और ‘राष्ट्रीय वैम्प’ तक कह दिया। अखबारों और मैगज़ीनों में उन्हें गलत तरीके से पेश किया गया। कहा गया कि रेखा की वजह से उनके पति ने अपनी जान दी। रेखा पर जो इल्ज़ाम लगाए गए, वे न केवल गलत थे बल्कि बेहद अमानवीय भी थे।

उस समय फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने भी उनसे दूरी बना ली। कुछ कलाकारों ने तो सार्वजनिक तौर पर उनके खिलाफ बयान दिए। रेखा उस दौर में बिल्कुल अकेली पड़ गईं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने इस दर्द को अपनी ताकत बना लिया। उन्होंने फिल्मों से दूरी नहीं बनाई, बल्कि अपने अभिनय से सबको जवाब दिया। धीरे-धीरे रेखा ने खुद को फिर से संभाला और इंडस्ट्री में एक मजबूत पहचान कायम की।

रेखा ने कभी इस घटना के बाद दोबारा शादी नहीं की। उन्होंने कहा था कि अब वे अपने जीवन में किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं। आज भी रेखा अक्सर सिंदूर लगाए नज़र आती हैं, जिसे लेकर कई बार सवाल उठे, लेकिन उन्होंने कभी इस पर खुलकर जवाब नहीं दिया। कहा जाता है कि यह उनके अपने तरीके से अपनी पहचान बनाए रखने का प्रतीक है।

रेखा की कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री की नहीं, बल्कि एक ऐसी औरत की है जिसने समाज की तमाम आलोचनाओं और तानों के बावजूद खुद को टूटने नहीं दिया। उन्होंने दुनिया को दिखाया कि कोई भी दर्द इतना बड़ा नहीं होता कि इंसान उससे उभर न सके। आज रेखा सिर्फ एक फिल्म स्टार नहीं, बल्कि साहस और आत्मसम्मान की मिसाल हैं।

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