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VFX के बिना रामानंद सागार ने ऐसे दिखाया था सीरियल रामायण में कमाल, रावण के वध से जुड़ा है मजेदार किस्सा

फिल्म रामायण इस वक्त लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। एक्टर रणबीर कपूर और साउथ की एक्ट्रेस साई पल्लवी इस फिल्म में नजर आने वाली है। वहीं, रावण का रोल साउथ के एक्टर यश निभाएंगे। लेकिन इन सबके बीच लोग इस वक्त रामानंद सागर के टीवी सीरियल रामायण की चर्चा कर रहे हैं। इस सीरियल को फिल्माने के लिए किसी भी तरह के वीएफएक्स का इस्तेमाल नहीं किया गया था। साथ ही किसी भी तरह के स्पेशल इफेक्ट्स नहीं दिए गए थे। सीरियल को फिल्माने के लिए रामानंद सागर ने ऐसे जुगाड़ लगाए, जिसकी उम्मीद किसी को भी नहीं थी। रावण के वध के लिए ऐसे फूकी जान सबसे पहले बारी आती है रावण के वद्य वाले सीन की। इसे फिल्माने के लिए रामानंद सागर ने काफी मेहनत की थी। रावण के वद्य वाला सीन उन्होंने खुद डिजाइन किया था। इस फिल्म को उमरगांव में शूट किया गया। रावण और राम के बीच के युद्ध को वहीं शूट किया गया था। स्पेशल इफेक्ट्स जेनरेटर 2000 नाम की मशीन सागर वर्ल्ड की माने तो उस वक्त वीएफएक्स से जुड़ी ज्यादा तकनीक उपलब्ध नहीं थी। उस वक्त रामानंद सागर ने स्पेशल इफेक्ट्स जेनरेटर 2000 नाम की मशीन को प्रयोग में लिया था। उस मशीन को रावण के वद्य वाली सीन फिल्माने के लिए किया था। स्पेशल कैमरे के एंगल का कमाल वहीं, रावण का वद्य करने के लिए जो ब्रह्मा तीर बनाया गया था उसके लिए भी 2000 नाम की मशीन का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा जितने भी तीर के वार टीवी के सीरियल्स में दिखाए गए, जिसमें सांप तो कभी जानवर निकलते थे। उसके लिए एक अलग तरह के कैमरे के एंगल को चुना गया था। सेट पर ऐसे इकट्ठा की भीड़ अब रामानंद सागर के सामने दुविधा ये थी कि विशाल सेना के लिए वह भीड़ कैसे लाएं? सेट पर 15-20 लोग ही पहुंचे थे। ऐसे में रामानंद सागर ने गजब जुगाड़ अपनाया था। उन्होंने सेट पर बड़े-बड़े शीशे लगवाए। इन शीशों के बीच कैमरों को इस तरह से फिट किया कि रिफ्लेक्शन होने पर लोगों की ज्यादा भीड़ नजर आए।

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बाहुबली एंड कंपनी ने एक बार फिर जीता फैंस का दिल, 10 साल बाद साथ नजर आए राजमाता-भल्लाल देव

साउथ की सबसे बेस्ट फिल्मों में से एक बाहुबली आती है। इस फ्रैंचाइजी की दोनों फिल्में बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त तरीके से हिट हुई थी। साथ ही कमाई के मामले में इस फिल्म ने कई रिकॉर्ड्स तोड़े थे। अब बाहुबली फिल्म को रिलीज हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं, जिसके बाद मेकर्स ने एक रीयूनियन पार्टी रखी। इस दौरान कई सारे सितारे एक साथ नजर आएं। इस शानदार पार्टी की तस्वीरें अब एक्टर प्रभास की तरफ से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तस्वीरे में प्रभास, राणा दग्गुबाती, राम्या कृष्णन, सत्य राज और डायरेक्टर एस एस राजमौली एक साथ दिखाई दिए। काफी वक्त के बाद मिलने की खुशी सभी के चेहरे पर साफ नजर आ रही थी। फैंस का भी इन तस्वीरों को देखने के बाद दिल खुश हो गया। फिर से रिलीज होगी बाहुबली आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बाहुबली का पहला पार्ट 2015 में रिलीज हुआ था। 2017 में फिल्म का दूसरा पार्ट रिलीज हुआ। दोनों ही पार्ट बॉक्स ऑफिस पर धांसू कमाई करने में सफल हुई थी। View this post on Instagram A post shared by Baahubali (@baahubalimovie) आज भी लोग फिल्म बाहुबली को पसंद करते हुए दिखाई देते हैं। इतना ही नहीं बाहुबली फ्रेंचाइजी की रिलीज के 10 साल पूरे होने की खुशी में मेकर्स ने इसे दोबारा से नए अंदाज में थिएटर्स में रिलीज करने का एलान किया है। 31 अक्टूबर 2025 को बाहुबली एपिक सागा को रिलीज किया जाएगा।

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घर में 2 हफ्तों तक सड़ता रहा पाकिस्तान एक्ट्रेस का शव, इस तरह खुला सारा राज

पाकिस्तान की फिल्मी इंडस्ट्री से जुड़ी एक बेहद ही बड़ी खबर सामने आई है। एक्ट्रेस हुमैरा असरगर अली की उनके अपार्टमेंट में लाश मिली है। उनकी उम्र 32 साल की थी। वो कराची में मौजूद डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी के एक अपार्टमेंट में रहा करती थी। ऐसा कहा जा रहा है कि एक्ट्रेस की 2 हफ्ते पहले ही मौत हो चुकी थी, लेकिन इस बात की जानकारी किसी को नहीं थी। डीआईजी सैयद असर राजा ने पाकिस्तानी मीडिया को एक्ट्रेस की मौत के बारे में जानकारी दी। द डॉन की खबर के मुताबिक, हुमैरा का शव उनके अपार्टमेंटम से बरामद किया गया। शव की हालत काफी ज्यादा खराब बताई जा रही है। इस घटना ने सभी लोगों को हैरानी में डाल दिया है। फैंस एक्ट्रेस की इस खबर को जानने के बाद काफी ज्यादा हैरान और परेशान दिखाई दे रहे हैं। डीआईजी ने एक-एक करके खोले सारे राज एक मीडिया हाउस के मुताबिक डीआईजी सैयद असद राजा ने बताया अली का शव फेज-VI में इत्तेहाद कमर्शियल के एक फ्लैट में बरामद किया गया। उनकी लाश बुरी तरह से सड़ी-गली अवस्था में दिखी। उनकी मौत दो हफ्ते पहले ही हो चुकी थी, लेकिन आस-पास के लोगों ने इस बात पर गौर नहीं किया। अपनी बात रखते हुए डीआईजी ने कहा,’गिजरी पुलिस स्थानीय अदालत के आदेश पर अपार्टमेंट खाली कराने के लिए मौके पर पहुंची थी। जब पुलिस ने दोपहर को दरवाजा खटखटाया तो किसी ने भी कुछ जवाब नहीं दिया। पुलिस इसके बाद ताला तोड़कर अपार्टमेंट में पहुंच गई। जहां उनका शव बरामद हुआ। पुलिस ने सबूत जुटाने के लिए मौके पर क्राइम सीन यूनिट को बुलाया। एक्ट्रेस किराए पर रह रही थी। उन्होंने 2024 से मकान मालिक को किराया देना बंद कर दिया था। जिसके बाद अदालत ने उन्हें घर खाली करने का आदेश दिया था।

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रक्षा बंधन पर देखें बॉलीवुड की ये शानदार फिल्में, भाई-बहन के रिश्ते में आएगी मिठास

देशभर में इस साल रक्षाबंधन 9 अगस्त के दिन मनाया जाने वाला है। ये त्योहार बहन-भाई के प्यार का प्रतीक माना गया है। बॉलीवुड में भाई-बहन के रिश्ते पर कई सारी ऐसी फिल्में बन चुकी हैं, जिसे देखने के बाद हर किसी की आंखें और दिल दोनों भर आता है। आइए जानते हैं उन फिल्मों के बारे में जोकि रक्षाबंधन के मौके पर आपको जरूर देखनी चाहिए। हरे राम हरे कृष्णा इस फिल्म में एक्टर देव आनंद एक ऐसे भाई का रोल निभाते हुए दिखाई दे रहे हैं। जोकि अपनी बहन को ढूंढने निकल जाता है। इस दौरान उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन लड़का अपनी समझदारी के साथ सारी मुश्किले पार कर देता है। इस फिल्म में देव आनंद के साथ एक्ट्रेस जीनत अमान लीड रोल में नजर आ रही हैं। छोटी बहन फिल्म छोटी बहन 1959 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म का गाना भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना काफी हिट हुआ था। इस फिल्म में बलराज साहनी, नंदा, महमूद और रहमान लीड में नजर आए थे। लोगों के दिलों में आज भी ये फिल्म बसी हुई है। फिजा फिल्म फिजा भी लोगों के दिलों पर जबरदस्त तरीके से राज करती हुई नजर आई थी। इस फिल्म में भाई और बहन के रिश्ते को बखूबी दिखाया गया था। फिल्म में 1993 मुंबई दंगों के बाद अमान नाम का एक लड़का घर से भागकर आतंकी संगठन से जुड़ जाता है। ऐसे में अपने भाई को वापस घर लाने के लिए बहन फिजा काफी कोशिश करती है। फिल्म का अंत आपका दिल पिघलाने के लिए काफी रहेगा। फिल्म में करिश्मा कपूर और ऋतिक लीड रोल निभा चुके हैं। सरबजीत सरबजीत एक ऐसी फिल्म हैं, जिसमें एक रियल लाइफ भाई-बहन की कहानी को बड़े पर्दे पर उतारने की कोशिश की गई है। फिल्म में एक बहन अपनी आखिरी सास तक अपने भाई के लिए लड़ाई लड़ती हुई नजर आती है। रक्षा बंधन इसके अलावा फिल्म रक्षाबंधन में भाई-बहन के प्यार को काफी खूबसूरती के साथ दर्शाया गया है। इस फिल्म में एक भाई अपनी बहनों के प्यार में किस हद तक चला जाता है इस चीज को बखूबी फिल्म में दिखाया गया है। फिल्म में एक्टर अक्षय कुमार लीड रोल निभाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

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किरदार अनेक अभिनेता एक सुरेंद्र ठाकुर मंझे हुए कलाकार दर्शकों का दिल जीतते है बार बार

सुरेंद्र ठाकुर भारतीय अभिनेता की जीवनी औरफिल्मोग्राफीसुरेंद्र ठाकुर एक भारतीय अभिनेता हैं, जो मुख्यतः हिंदी और दक्षिण भारतीय फिल्मों में अपने अभिनय के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपनी अभिनय यात्रा की शुरुआत 2013 में की थी और तब से लेकर अब तक कई फिल्मों और वेब सीरीज़ में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। उनकी शारीरिक उपस्थिति और दमदार संवाद अदायगी उन्हें विशेष पहचान दिलाती है। सुरेंद्र ठाकुर ने विभिन्न शैलियों की फिल्मों में अभिनय किया है, जिनमें शामिल हैं:फ़ोन भूत (2022): एक हास्य-हॉरर फिल्म जिसमें उन्होंने ‘राका’ का किरदार निभाया। लूटकेस (2020) एक कॉमेडी फिल्म जिसमें उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।दर्बार (2020): एक एक्शन फिल्म जिसमें उन्होंने एक सहायक भूमिका निभाई। मारजावां(2019) फिल्म में निभाया खास किरदार मारजावां(2019) एक एक्शन फिल्म जिसमें उन्होंने एक सहायक भूमिका निभाई। घूल (2018) एक ड्रामा वेब सीरीज़ जिसमें उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।शैतान हवेली (2018) एक कॉमेडी वेब सीरीज़ जिसमें उन्होंने ‘चंडाल’ का किरदार निभाया। संजू (2018) एक जीवनी फिल्म जिसमें उन्होंने एक सहायक भूमिका निभाई। दिरान अधिगारम ओंड्रू (2017) एक तमिल एक्शन फिल्म जिसमें उन्होंने एक सहायक भूमिका निभाई। अभिनय शैली और पहचान सुरेंद्र ठाकुर की अभिनय शैली में शारीरिक ताकत, दमदार संवाद अदायगी और नकारात्मक भूमिकाओं में गहरी छाप देखने को मिलती है। उनकी लंबी कद-काठी और गंभीर चेहरे की अभिव्यक्ति उन्हें खलनायक के किरदारों के लिए उपयुक्त बनाती है। वे अपनी भूमिकाओं में प्रभावशाली संवादों और शारीरिक अभिव्यक्तियों के माध्यम से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ते हैं। सुरेंद्र ठाकुर ने टेलीविजन धारावाहिकों में भी अभिनय किया है। उन्हें 2021 में प्रसारित हुए धारावाहिक तेरी लाडली मैं में ‘सुरेंद्र कुमार’ के किरदार में देखा गया था। इस धारावाहिक में उन्होंने एक पारिवारिक भूमिका निभाई, जो उनके नकारात्मक भूमिकाओं से हटकर था दक्षिण भारतीय सिनेमा में योगदानसुरेंद्र ठाकुर ने दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने तमिल फिल्म **थीरन अधिगाराम अंदरू (2017) में एक सहायक भूमिका निभाई, जो एक एक्शन थ्रिलर थी। इसके अलावा, उन्होंने तेलुगु फिल्म माझाई पीढ़िकथा मानीथान (2024) में भी अभिनय किया है। नकारात्मक भूमिकाओं से लेकर पारिवारिक किरदारों में छोड़ी छाप सुरेंद्र ठाकुर एक बहुमुखी अभिनेता हैं, जिन्होंने नकारात्मक भूमिकाओं से लेकर पारिवारिक किरदारों तक में अपनी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन किया है। उनकी शारीरिक उपस्थिति और संवाद अदायगी उन्हें विशेष पहचान दिलाती है। आने वाले समय में उनकी और भी भूमिकाएँ देखने को मिल सकती हैं, जो उनके अभिनय कौशल को और भी निखारेंगी। कलाभूमि सिनेमा दे रही है कलाकारों अपना प्रतिभा व्यक्त करने का जरिया ताकि अदाकारों का प्रदर्शन हो और बढ़िया। लेखक संपादक राहुल कुमार शुक्ला Your Attractive Heading

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मदिराक्षी मुंडले: पौराणिकता की नई पहचान, देवी दुर्गा के रूप में उनकी भव्य वापसी

भारतीय टेलीविजन पर पौराणिक किरदारों का चित्रण एक गहन जिम्मेदारी है. ऐसे किरदारों को निभाने के लिए केवल अभिनय प्रतिभा ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक समझ, गरिमा और एक विशेष प्रकार की आभा की आवश्यकता होती है. इन गुणों को खूबसूरती से आत्मसात करने वाली अभिनेत्री मदिराक्षी मुंडले एक बार फिर दर्शकों के सामने एक दिव्य अवतार में लौट रही हैं. इस बार देवी दुर्गा के रूप में। यह न केवल उनकी अभिनय यात्रा में एक नया अध्याय है, बल्कि भारतीय पौराणिक टेलीविजन जगत के लिए भी एक महत्वपूर्ण क्षण है. पौराणिक भूमिकाओं की पहचान मदिराक्षी मुंडले की टेलीविजन यात्रा “सिया के राम” से शुरू हुई थी, जिसमें उन्होंने माता सीता की भूमिका निभाई. यह किरदार केवल एक ऐतिहासिक पात्र नहीं था, बल्कि सहनशीलता, त्याग, प्रेम और स्त्रीत्व की सबसे ऊँची मिसाल था. मदिराक्षी ने इस भूमिका में जिस गरिमा, संयम और कोमलता का परिचय दिया, उसने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया. उनके शांत अभिनय ने न केवल उन्हें घर-घर तक पहुँचा दिया, बल्कि उन्हें पौराणिक किरदारों की अद्भुत दायिनी के रूप में स्थापित किया. इसके बाद, उन्होंने राधा, लक्ष्मी, पार्वती और द्रौपदी जैसे महत्वपूर्ण पौराणिक पात्रों को भी निभाया. हर बार उन्होंने यह साबित किया कि वह न केवल एक खूबसूरत चेहरा हैं, बल्कि एक समर्पित कलाकार हैं जो हर भूमिका को अपने भीतर आत्मसात कर लेती हैं। उनके अभिनय में एक अद्भुत संतुलन होता है. शक्ति और कोमलता का, भक्ति और साहस का. देवी दुर्गा के रूप में नवरूपों की प्रस्तुति अब जब मदिराक्षी दुर्गा की भूमिका में आ रही हैं, तो यह न केवल उनके लिए बल्कि उनके प्रशंसकों के लिए भी अत्यंत उत्साहजनक क्षण है। दुर्गा केवल एक देवी नहीं, बल्कि स्त्री शक्ति की प्रतीक हैं. माँ, योद्धा, सृजनकर्ता और संहारक का अद्वितीय संगम। उन्हें नौ रूपों में पूजा जाता है. शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि और महागौरी हर रूप एक विशेष गुण और भावनात्मक ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है. इन सभी नौ रूपों को पर्दे पर सजीव करना केवल अभिनय का कार्य नहीं है, यह एक आध्यात्मिक यात्रा भी है. इसके लिए जिस प्रकार की तैयारी और मानसिक समर्पण की आवश्यकता होती है, वह केवल वही कर सकता है जिसे इस कार्य के प्रति श्रद्धा हो और मदिराक्षी इस कसौटी पर पूरी तरह खरी उतरती हैं. अभिनय के साथ आत्मा का मेल मदिराक्षी की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह किसी भी पौराणिक किरदार को केवल अभिनय के रूप में नहीं लेतीं, बल्कि उसके मूल गुणों को अपने भीतर समाहित करती हैं. यही कारण है कि जब वह पर्दे पर आती हैं, तो दर्शक केवल एक अभिनेत्री को नहीं देखते वे एक जीवित चरित्र से जुड़ते हैं. दुर्गा के रूप में उनके द्वारा प्रदर्शित की जाने वाली शक्ति, क्रोध, ममता और करुणा की विविध भावनाएं दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देंगी. दुर्गा के रूपों में जिस तरह से नारी शक्ति के विभिन्न पहलुओं को उजागर किया गया है, उसे पूरी गरिमा और वैभव के साथ प्रस्तुत करने का कार्य कठिन है, लेकिन मदिराक्षी के अनुभव और समर्पण को देखते हुए इसमें कोई संदेह नहीं कि वह इसे संपूर्णता के साथ निभाएंगी. दर्शकों की उम्मीदें और प्रतिक्रियाएँ सोशल मीडिया पर पहले ही मदिराक्षी की इस भूमिका को लेकर उत्साह का माहौल है. प्रशंसक उनकी पहली झलक का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं. “माँ दुर्गा” के रूप में उनका लुक, संवाद और प्रस्तुति किस तरह होगी, यह देखने के लिए लोग उत्सुक हैं. टेलीविजन के इस युग में जहाँ पौराणिक कथाओं को आधुनिक तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है, वहाँ एक सशक्त अभिनेत्री का होना आवश्यक है जो इस संतुलन को बखूबी साध सके – और मदिराक्षी इसके लिए उपयुक्त विकल्प हैं. उनके प्रशंसक मानते हैं कि यह भूमिका उनके करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण और यादगार भूमिकाओं में से एक होगी. इससे पहले भी उन्होंने जिन किरदारों को निभाया है, वे सभी आज भी दर्शकों के दिलों में बसे हुए हैं। ऐसे में देवी दुर्गा का किरदार उन्हें एक बार फिर दर्शकों के दिलों में और गहराई से बसा देगा. करियर का स्वर्णिम अध्याय यह भूमिका मदिराक्षी के लिए केवल एक नई शुरुआत नहीं है, बल्कि यह उनके करियर में एक स्वर्णिम अध्याय है. एक कलाकार के लिए हर किरदार एक नई खोज होता है. स्वयं के भीतर झाँकने और खुद को एक नए दृष्टिकोण से देखने का अवसर. देवी दुर्गा की भूमिका न केवल उन्हें एक विशाल मंच दे रही है, बल्कि उन्हें आध्यात्मिक रूप से भी समृद्ध कर रही है. आज जब दर्शक अधिक संवेदनशील और सजग हो गए हैं, वे न केवल कथानक में रुचि लेते हैं, बल्कि यह भी देखना चाहते हैं कि कलाकार अपने किरदार को कितनी प्रामाणिकता से निभा रहे हैं. मदिराक्षी इस कसौटी पर पहले भी खरी उतरी हैं, और इस बार भी उनसे यही अपेक्षा की जा रही है.

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लाफ्टर शेफ्स 2′ की शूटिंग के दौरान इस एक्ट्रेस के साथ दो बार हुआ हादसा?

टेलीविजन एक्ट्रेस रीम शेख ‘लाफ्टर शेफ्स 2’ की शूटिंग के दौरान फिर से घायल हो गईं। उन्होंने अपने घायल पैर की तस्वीर शेयर करते हुए फैंस को अपडेट दिया। टीवी अभिनेत्री रीम शेख हाल ही में ‘लाफ्टर शेफ्स 2’ के सेट पर एक और चोटिल हो गईं हैं। 23 मई, 2025 को उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी घायल टांग की तस्वीर साझा की और लिखा, “लाफ्टर शेफ के शूट के बाद यह सामान्य बात है।” इससे पहले, सितंबर 2024 में रीम के चेहरे पर गर्म तेल के छींटे पड़ने से गंभीर जलन हो गई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी चोट की तस्वीरें साझा की थीं और लिखा था, “अल्लाह का शुक्र है, वर्ना यह हादसा मेरी जिंदगी बदल सकता था।” चेहरा जलने की घटना सितंबर 2024 में ‘लाफ्टर शेफ’ के सेट पर रीम शेख के साथ एक गंभीर हादसा हुआ था। कुकिंग के दौरान गर्म तेल उनके चेहरे पर गिर गया, जिससे उनकी त्वचा जल गई। रीम ने सोशल मीडिया पर अपनी जलन की तस्वीरें साझा कीं और लिखा, “अल्लाह का शुक्र है, वर्ना यह हादसा मेरी जिंदगी बदल सकता था।” उनकी इस साहसिकता की प्रशंसा करते हुए, उनके सह-कलाकारों और प्रशंसकों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। पैर में चोट हाल ही में, 23 मई 2025 को रीम ने इंस्टाग्राम पर अपनी घायल टांग की तस्वीर साझा की और लिखा, “लाफ्टर शेफ के शूट के बाद यह सामान्य बात है।” इससे पहले, सितंबर 2024 में रीम के चेहरे पर गर्म तेल के छींटे पड़ने से गंभीर जलन हो गई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी चोट की तस्वीरें साझा की थीं और लिखा था, “अल्लाह का शुक्र है, वर्ना यह हादसा मेरी जिंदगी बदल सकता था।” रीम शेख के साथ हुई ये घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि पेशेवर प्रतिबद्धता और साहस किसी भी कठिनाई से ऊपर होते हैं। चाहे चेहरा जलने की घटना हो या पैर में चोट, रीम ने हर चुनौती का सामना किया और अपने काम में सक्रिय रहकर यह सिद्ध कर दिया कि उनका पेशेवर रवैया और साहस प्रशंसा के योग्य हैं।

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राम-सीता की अनकही कहानियां अब डी न्यूज़ पर, रामानंद सागर के पोते लेकर आए काकभुशुण्डि रामायण

रामानंद सागर की “रामायण” की ऐतिहासिक सफलता किसी से भी छिपी नहीं है। काकभुशुंडी रामायण, जिसे ‘काकभुशुंडी रामायण अनटोल्ड स्टोरीज़’ के नाम से भी जाना जाता है, एक नया और अत्याधुनिक टीवी धारावाहिक है जो 18 नवंबर 2024 से दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल यानी डीडी नेशनल पर प्रसारित हो रहा है। यह शो रामानंद सागर के 1988 में प्रसारित रामायण की विरासत को आगे बढ़ाते हुए, भगवान श्रीराम के परम भक्त काकभुशुंडी के दृष्टिकोण से रामायण की अनकही कहानियों को प्रस्तुत करता है। काकभुशुण्डि सीरियल सोमवार से गुरुवार तक शाम 7:30 बजे पर प्रसारित किया जाता है। इस शो की विशेषताएं ‘काकभुशुंडी रामायण’ का निर्माण सागर वर्ल्ड मल्टीमीडिया द्वारा किया गया है। शो का उद्देश्य रामायण की कथा को एक नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना है, जिससे दर्शकों को प्राचीन कथाओं से जुड़ने का एक नया अनुभव मिले। यह शो न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से भी दर्शकों को समृद्ध करता है। यह सीरियल रामायण की कहानियों को काकभुशुण्डि ऋषि द्वारा सुनाए जाने के तरीके से प्रस्तुत करता है, जो कि एक कौवे के रूप में हैं। दूरदर्शन की भूमिका दूरदर्शन, भारत का राष्ट्रीय प्रसारक, ने हमेशा भारतीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ‘काकभुशुंडी रामायण’ जैसे शो इसके उदाहरण हैं, जो प्राचीन कथाओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत करते हैं। इससे दर्शकों को न केवल मनोरंजन मिलता है, बल्कि वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से भी जुड़ते हैं। शिव सागर का लक्ष्य शिव सागर का उद्देश्य टीवी शो “काकभुशुण्डि रामायण” के माध्यम से भगवान राम की अनकही कहानियों को प्रस्तुत करके अपने दादा रामानंद सागर की विरासत का सम्मान करना है। यह शो दुनिया भर के 350 से अधिक रामायण संस्करणों से कहानियां चुनता है, जो भारतीय दर्शकों के अनुकूल हों, तथा इसमें तुलसी रामायण, वाल्मीकि संस्करण, आध्यात्मिक रामायण और बंगाली कृत्तिवासी रामायण के तत्वों को शामिल किया गया है। इस सीरियल में संगीत और वीएफएक्स इस शो में उत्तर प्रदेश और बिहार का संगीत शामिल किया गया है, जो पारिवारिक विरासत को जारी रखता है। यह शो की आत्मा को बनाए रखते हुए कहानी को बढ़ाने के लिए वीएफएक्स और एआई का भी उपयोग करता है। इस शो का अधिक जानकारीयह धारावाहिक पात्रों की पृष्ठभूमि को उजागर करता है तथा इस विषय पर प्रकाश डालता है कि राम, कृष्ण की तरह स्वयं को सदैव भगवान घोषित करने के बजाय, “दशरथपुत्र” थे। इस शो में मल्टीवर्स अवधारणा को भी शामिल किया गया है, जहां काकभुशुण्डि विभिन्न समयसीमाओं की कहानियां सुनाते हैं। इस शो का निर्माण इस शहर में इसका निर्माण संस्कारी नगरी कही जाने वाले गुजरात के वड़ोदरा शहर के लक्ष्मी फिल्म सिटी में हो रही है। इस प्रोजेक्ट को दर्शकों तक पहुंचाने में कलाकारों के साथ डायरेक्टर, कैमरामैन, सेट डिजाइनर, कॉस्ट्यूम डिजाइनर,मेकअप मेन तथा अन्य लोगों की मेहनत भी दर्शकों के मन को मोहित करने वाली है। कलाकारों की कास्टिंग करवाने की जवाबदारी कलाभूमि कास्टिंग कम्पनी द्वारा कुशलता पूर्वक निभाई गई है। कलाभूमि कास्टिंग कम्पनी ने गुजरात तथा मुंबई के तमाम कलाकारों को रामायण में काम करने का सुनहरा अवसर प्रदान किया है। ‘काकभुशुंडी रामायण’ एक ऐसा प्रयास है जो प्राचीन कथाओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत करता है। यह शो दर्शकों को रामायण की अनकही कहानियों से परिचित कराता है और उन्हें भारतीय संस्कृति से जोड़ता है। दूरदर्शन जैसे राष्ट्रीय चैनल के माध्यम से इस तरह के शो का प्रसारण भारतीय संस्कृति के संरक्षण और प्रचार में महत्वपूर्ण योगदान है। इस शो की सफलता इस बात का संकेत है कि भारतीय दर्शक अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ी कहानियों को आधुनिक रूप में देखने के लिए तैयार हैं। ‘काकभुशुंडी रामायण’ जैसे शो भारतीय टेलीविजन के भविष्य की दिशा को निर्धारित करने में सहायक होंगे।

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वीकेंड पर पार्टनर के साथ हर किसी को ये पांच रोमांटिक फिल्में देखनी चाहिए?

वीकेंड पर कपल्स घर में समय बिताने के कई कारण ढूंढते हैं। इन दिन वह ज्यादा से ज्यादा समय अपने पार्टनर के साथ बिताना चाहते हैं, इसलिए वह घर पर ही रहकर नई-नई चीजें करने की सोचते हैं। प्रेम यह एक ऐसा अनुभव है जो न केवल हमारे दिलों को छूता है, बल्कि हमारे जीवन के नजरिए को भी बदल देता है। साहित्य, संगीत और सिनेमा ने हमेशा प्रेम को अपने केंद्र में रखा है। खासकर फ़िल्में, जहाँ हम प्रेम की तमाम परतों को शुरुआत, उलझन और बिछड़न को बेहद खूबसूरती से अनुभव करते हैं। आज हम बात करेंगे उन 5 रोमांटिक फ़िल्मों की, जो हर इंसान को ज़िन्दगी में एक बार ज़रूर देखनी चाहिए, क्योंकि ये न केवल मनोरंजन करती हैं बल्कि दिल को गहराई तक छू जाती हैं। “बड़े-बड़े देशों में ऐसी छोटी-छोटी बातें होती रहती हैं सेनोरिटा।” भारतीय सिनेमा में एक ये मूवी नई पहचान बनाई। शाहरुख ख़ान और काजोल की जोड़ी आज भी सबसे रोमांटिक जोड़ी मानी जाती है। राज और सिमरन की यह कहानी ना केवल एक प्रेम कहानी है, बल्कि यह भारतीय पारिवारिक मूल्यों और आधुनिक सोच के बीच संतुलन का प्रतीक बन गई है। DDLJ में यूरोप की खूबसूरत वादियों से लेकर पंजाब की मिट्टी तक, प्रेम का हर रंग बिखरा हुआ है। फिल्म बताती है कि सच्चा प्यार ज़िद नहीं होता, बल्कि इज़्ज़त और मंज़ूरी का नाम होता है। यह फिल्म आज भी मुंबई के मराठा मंदिर सिनेमा में चल रही है। इसका मतलब है कि यह कहानी समय से परे है। जब यादें मिट जाती हैं, क्या प्रेम भी मिट जाता है? The Notebook एक ऐसी भावनात्मक प्रेम कहानी है, जो समय और भूलने की बीमारी के बावजूद भी अपने प्रेम की गहराई बनाए रखती है। रयान गॉसलिंग और रैचेल मैकएडम्स की यह फ़िल्म दर्शाती है कि सच्चा प्रेम केवल शब्दों का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि आत्मा का मेल होता है। फिल्म का अंत भावुक कर देने वाला है। जहाँ उम्र ढल जाती है, शरीर थक जाता है, लेकिन प्रेम अमर रह जाता है। यह फिल्म हमें बताती है कि सच्चा प्यार केवल जवानी तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह जीवन के अंतिम पड़ाव तक साथ देता है। “तू वही है, जो सुबह को आफ़ताब बना दे, तू ही है जो रातों को चाँदनी कर दे।” इम्तियाज़ अली की निर्देशित तमाशा केवल एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि आत्म-खोज की यात्रा है। इसमें रणबीर कपूर का किरदार ‘वेद’ और दीपिका पादुकोण की ‘तारा’ के साथ उसकी मुलाक़ात, एक अलग ही दुनिया में ले जाती है। फिल्म का मूल संदेश है। प्यार सिर्फ किसी और से नहीं, अपने सच्चे रूप से भी होता है। जब तक हम खुद को नहीं समझते, तब तक किसी और को भी पूरी तरह से नहीं समझ सकते। इस फिल्म की सिनेमैटोग्राफी, संवाद और संगीत विशेषकर ए. आर. रहमान का संगीत – इसे एक गहराई भरा अनुभव बनाते हैं। अगर आपको किसी से जुड़ी सारी यादें मिटा दी जाएँ, तो क्या आप उससे दोबारा प्यार कर पाएंगे? जिम कैरी और केट विंसलेट की यह अनोखी प्रेम कहानी विज्ञान-कथा और रोमांस का एक दुर्लभ संगम है। फिल्म में जोएल और क्लेमेंटाइन अपनी यादों को मिटवाते हैं ताकि दर्द से बच सकें, लेकिन जब दिल की बात आती है, तो दिमाग कितना भी कोशिश करे, प्यार वापस लौट ही आता है। फिल्म हमें यह सिखाती है कि चाहे हम कितनी भी बार टूटें, प्रेम की प्रकृति ही हमें फिर से जोड़ने की होती है। इसका निर्देशन, पटकथा और अभिनेताओं का अभिनय इसे न केवल एक रोमांटिक बल्कि एक दार्शनिक फिल्म बना देता है। क्या एक रात में हुआ प्यार ज़िन्दगी भर चल सकता है? Before Sunrise एक सरल लेकिन प्रभावशाली प्रेम कहानी है जो एथन हॉक और जूली डेल्पी के पात्रों जेसी और सेलीन के इर्द-गिर्द घूमती है। दोनों यूरोप में ट्रेन यात्रा के दौरान मिलते हैं और विएना की गलियों में रात भर बातें करते हुए एक-दूसरे के करीब आते हैं। फिल्म की खास बात इसका यथार्थवाद है। इसमें कोई नाटकीय मोड़ या फिल्मी क्लाइमेक्स नहीं है, बल्कि यह बातचीत और भावनाओं के जरिए प्रेम को परिभाषित करती है। यह फिल्म बताती है कि सच्चा संबंध उन पलों में पनपता है जो हम किसी के साथ पूरी ईमानदारी और खुलेपन से बिताते हैं। प्यार को समझने का एक माध्यम इन फिल्मों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये प्रेम को केवल “हैप्पी एंडिंग” तक सीमित नहीं रखतीं, बल्कि प्रेम की जटिलताओं, उसके संघर्षों और उसकी स्थायित्व की शक्ति को दर्शाती हैं।हर फिल्म एक अलग परिप्रेक्ष्य से प्यार को देखती है। कहीं वह पारिवारिक मर्यादाओं से टकराता है, कहीं वह स्मृतियों की गहराइयों में छिपा होता है, तो कहीं वह खुद की पहचान खोजने की यात्रा में साथ देता है। अगर आप इन फिल्मों को ध्यान से देखें, तो पाएंगे कि ये न केवल एक प्रेम कहानी हैं, बल्कि हर उस भावना की अभिव्यक्ति हैं जो हम अपने जीवन में महसूस करते हैं – चाहत, पीड़ा, आशा, और कभी-कभी सिर्फ एक पल की ख़ुशी। इन 5 फिल्मों को देखने के बाद शायद आप भी यह कहेंगे।

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OTT पर ये पांच वेब सीरीज, जो घुमा देंगी सिर, हर मर्डर के पीछे छिपा है एक गहरा राज!

Web series, OTT Web series Hollywood, Indian web series on Netflix, web series name, Top web series in world Top 5 web series in India, Top 10 web series in world, वेब सीरीज, पाताल लोक Web series: अगर आपबकुछ सस्पेंस और थ्रिलर टाइप वेब सीरीज देखना चाहते हैं तो हम आपके लिए लेकर आए हैं पांच वेब शोज की लिस्ट। Web series OTT: अगर आप इस वीकेंड आपने दोस्तों के साथ कोई ऐसी वेब सीरीज देखना चाहते हैं जो आपका सिर घुमाकर रख दें तो ये खबर आपके लिए ही है। आजकल ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज का दौर चल रहा है। इन सीरीज में मर्डर, सस्पेंस और गहरे राज़ों की कहानी होती है, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखती हैं। आइए जानते हैं ऐसी पांच बेहतरीन हिंदी क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज के बारे में, जो आपके दिमाग के सारे तार खोल देंगी। OTT पर ये पांच वेब सीरीज दिमाग को झकझोर देंगी इसका मतलब है कि ये सीरीज ऑनलाइन उपलब्ध हैं और इनकी कहानियाँ बहुत रोमांचक या चौंकाने वाली हैं। अगर आप चाहें तो मैं किसी खास OTT प्लेटफॉर्म की टॉप वेब सीरीज की लिस्ट भी दे सकता हूँ। “ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ये वेब सीरीज” आज इस लेख या में उन वेब सीरीज की बात हो रही हो जो ओटीटी (Over-The-Top) प्लेटफॉर्म्स जैसे Netflix, Amazon Prime Video, Disney+ Hotstar, JioCinema आदि पर स्ट्रीम की जा सकती हैं। पाताल लोक एक गहरी और सशक्त क्राइम थ्रिलर है, जिसमें दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी की कहानी है, जो एक हत्या के प्रयास की जांच करता है। इस सीरीज में जातिवाद, राजनीति और अपराध की जटिलताओं को बखूबी दर्शाया गया है। सीरीज की कहानी और अभिनय ने दर्शकों को प्रभावित किया है। असुर एक मनोवैज्ञानिक थ्रिलर है, जिसमें एक सीरियल किलर की कहानी है, जो खुद को असुर मानता है। इस सीरीज में विज्ञान और धर्म का मिश्रण देखने को मिलता है, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है। आखिरी सच एक सच्ची घटना पर आधारित सीरीज है, जिसमें एक परिवार के सामूहिक आत्महत्या के मामले की जांच की जाती है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक पुलिस अधिकारी इस रहस्यमयी मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश करता है। अरण्यक एक पहाड़ी क्षेत्र की क्राइम थ्रिलर है, जिसमें एक महिला पुलिस अधिकारी की कहानी है, जो एक विदेशी पर्यटक की हत्या के मामले की जांच करती है। इसमें स्थानीय संस्कृति, राजनीति और अपराध की जटिलताओं को दर्शाया गया है। काला एक क्राइम थ्रिलर है, जिसमें एक छोटे शहर के युवक की कहानी है, जो एक बड़े अपराध सिंडिकेट से जुड़ता है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक व्यक्ति अपने परिवार की भलाई के लिए गलत रास्ते पर चलता है। ये सभी सीरीज अपने-अपने तरीके से दर्शकों को अपराध और सस्पेंस की दुनिया में ले जाती हैं। हर सीरीज में मर्डर के पीछे छिपे गहरे राज़ों की कहानी है, जो अंत तक दर्शकों को बांधे रखती है। यदि आप क्राइम थ्रिलर के शौक़ीन हैं, तो ये सीरीज आपके लिए बेहतरीन विकल्प हैं।संकलन : श्रुति कुमारी श्रुति कुमारी

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