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11 साल बाद रेखा का कमबैक? बिना फिल्मों के भी कर रहीं तगड़ी कमाई, 300 करोड़ की हैं मालकिन! जानिए पूरी नेटवर्थ

बॉलीवुड की सदाबहार दिवा रेखा इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वजह है उनका लंबे समय बाद संभावित कमबैक। रेखा भले ही पिछले 11 साल से किसी फिल्म में न दिखी हों, लेकिन उनकी फैन फॉलोइंग और चार्म आज भी पहले जैसा है। वहीं हैरानी की बात यह है कि फिल्मों से दूर रहने के बावजूद रेखा की कमाई में कोई कमी नहीं आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह आज 300 करोड़ रुपये से ज़्यादा की मालकिन हैं। 11 साल से फिल्मों से दूर, फिर भी चर्चा में क्यों? रेखा को आखिरी बार बड़े पर्दे पर साल 2014 में देखा गया था। उसके बाद से वह फिल्मों से दूर रहीं, लेकिन उनके नाम और स्टार पावर का असर अब भी कायम है। हाल ही में उनकी कुछ तस्वीरें और ब्रांड शूट वायरल हुए, जिसके बाद कमबैक की अटकलें तेज़ हो गईं। बिना फिल्मों के कैसे होती है कमाई? रेखा की आय के कई बड़े स्रोत हैं— 1. विज्ञापन और ब्रांड शूट हाल के वर्षों में रेखा कई हाई-एंड ब्रांड्स के लिए फोटोशूट और कैंपेन करती दिखी हैं। इनसे वह मोटी फीस चार्ज करती हैं। 2. रॉयल्टी और पुरानी फिल्मों की लाइसेंसिंग उनकी सुपरहिट फिल्मों की टीवी और डिजिटल राइट्स से भी हर साल अच्छी–खासी रॉयल्टी मिलती है। 3. आलीशान प्रॉपर्टीज रेखा के पास मुंबई और दक्षिण भारत में कई कीमती प्रॉपर्टीज हैं। किराये और निवेश से भी उनकी आय मजबूत होती है। 4. सरकारी बंगला और सुविधाएं रेखा राज्यसभा सांसद भी रह चुकी हैं। इस दौरान मिलने वाली कई सुविधाएं और पैकेज उनके खर्चों को काफी कम कर देते हैं। कितनी है रेखा की कुल नेटवर्थ? विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, रेखा की कुल संपत्ति करीब 300 करोड़ रुपये के आसपास आंकी जाती है।उनकी संपत्ति में लक्जरी बंगले, कीमती आभूषण, डिजाइनर साड़ियां और निवेश शामिल हैं। कमबैक की तैयारी? हाल ही में रेखा के कुछ मैगजीन शूट और ऐड कैंपेन वायरल हुए, जिसके बाद उनके कमबैक की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि उन्होंने अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन फैंस उनकी वापसी को लेकर बेहद उत्साहित हैं। रेखा सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक आइकन हैं। फिल्मों से दूरी के बावजूद उन्होंने अपने स्टारडम और कमाई दोनों को बरकरार रखा है। अगर उनका कमबैक होता है, तो यह निश्चित रूप से बॉलीवुड के लिए बड़ी खबर होगी।

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जिंदगी से हो गए हैं निराश? रग–रग में मोटिवेशन भर देंगे बॉलीवुड के ये 10 दमदार डायलॉग

कभी–कभी जिंदगी ऐसे मोड़ पर ले आती है, जहां हर दिशा धुंधली लगती है और हौसले टूटने लगते हैं। ऐसे समय में एक सही बात, एक सही लाइन या एक ताकतवर डायलॉग हमारी सोच को बदल सकता है। बॉलीवुड ने कई ऐसी फिल्में दी हैं जिनके डायलॉग सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन का सबक बन जाते हैं—ऐसे शब्द जो भीतर आग जला देते हैं, दिल और दिमाग को फिर से रिचार्ज कर देते हैं। अगर जीवन की भागदौड़ में आप थक गए हैं, निराश हो गए हैं या खुद को कमजोर महसूस कर रहे हैं, तो बॉलीवुड के ये 10 मोटिवेशनल डायलॉग आपकी रग–रग में नया जोश भर देंगे। 1. “डर के आगे जीत है।” – Zindagi Na Milegi Dobara यह सिर्फ टैगलाइन नहीं, पूरी सोच है—जब तक डर को हराओगे नहीं, जीत मिल ही नहीं सकती। 2. “पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त।” – Om Shanti Om याद रखिए, अभी जीवन खत्म नहीं हुआ है। हर मुश्किल के बाद एक नया मौका आपका इंतज़ार करता है। 3. “कभी कभी जीतने के लिए कुछ हारना भी पड़ता है, और हारकर जीतने वाले को बाज़ीगर कहते हैं।” – Baazigar गिरना असफलता नहीं, उठकर आगे बढ़ना ही असली जीत है। 4. “एक चुटकी सिंदूर की कीमत तुम क्या जानो…” (जोक नहीं—असल में लाइन यह सिखाती है कि छोटी चीज़ों की भी बड़ी वैल्यू होती है!) – Om Shanti Om जीवन में छोटी खुशियां, छोटे पल… यही असल मायने रखते हैं। 5. “काबिल बनो… कामयाबी झक मारकर पीछे आएगी।” – 3 Idiots किसी के पीछे मत भागो, खुद को इतना काबिल बनाओ कि दुनिया खुद आपको ढूँढ़े। **6. “हिम्मत रखो… सब ठीक हो जाएगा।” – Munna Bhai M.B.B.S. कभी–कभी खुद को बस दिलासा देने की जरूरत होती है—ये कठिन दौर भी गुजर जाएगा। 7. “जो होता है अच्छे के लिए होता है।” – Kal Ho Naa Ho जब चीजें हमारे प्लान के हिसाब से नहीं होतीं, तब भी भरोसा रखें कि किस्मत आपके लिए कुछ बेहतर लिख रही है। 8. “ज़िंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं।” – Anand जीवन को जीने का तरीका ही सबसे बड़ा मोटिवेशन है। पल का आनंद लो, गिनो मत। 9. “कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है।” – Dilwale Dulhania Le Jayenge त्याग और मेहनत—दोनों सफलता का रास्ता बनाते हैं। 10. “मैदान में उतरना ही आधी जीत है।” – Chak De! India पहला कदम ही सबसे कठिन होता है। एक बार कदम बढ़ा दो, आधी बाधाएं खुद खत्म हो जाती हैं। अगर आप जीवन में निराश हैं, याद रखिए—किस्मत का पन्ना किसी भी पल पलट सकता है। जरूरी है कि हिम्मत न छोड़ें। बॉलीवुड के ये डायलॉग सिर्फ फिल्मों के संवाद नहीं, बल्कि जीवन के मंत्र हैं। इन्हें हर बार याद करें जब मन टूटने लगे—आप पायेंगे कि आपके भीतर छुपी ताकत फिर से जग उठी है।

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90वें जन्मदिन से ठीक पहले धमाका धर्मेंद्र की नई बड़ी फिल्म रिलीज को तैयार

बॉलीवुड के सदाबहार सुपरस्टार और लाखों दिलों की धड़कन धर्मेंद्र अब अपने जीवन के एक और सुनहरे पड़ाव की ओर बढ़ रहे हैं। अगले 23 दिनों में वे 90 साल के हो जाएंगे, और इससे पहले ही उनके प्रशंसकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। धर्मेंद्र की नई फिल्म उनके जन्मदिन से सिर्फ 3 दिन पहले रिलीज होने जा रही है। यह संयोग न सिर्फ उनके फैंस के लिए खास है, बल्कि खुद धर्मेंद्र के लिए भी बेहद भावुक पल लेकर आएगा। धर्मेंद्र को हिंदी सिनेमा में ‘ही-मैन’ के नाम से जाना जाता है। 60 वर्षों के शानदार करियर में उन्होंने एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दी हैं, शोले, धर्म वीर, चुपके चुपके, सीता-और-गीता, अनपढ़, बंदिनी, राजा जानी जैसी फिल्में आज भी दर्शकों के दिलों पर राज करती हैं। एक्शन, रोमांस, कॉमेडी, इमोशन—हर जॉनर में उनका जलवा रहा है। 90 साल की उम्र में भी धर्मेंद्र की ऊर्जा और स्क्रीन प्रेज़ेंस आज के कलाकारों को प्रेरणा देती है। पिछली बार उन्होंने ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ में अपनी दमदार एक्टिंग से सभी को चकित कर दिया था। अब उनकी आने वाली नई फिल्म उनके फैंस के बीच फिर से उत्साह भर रही है. फिल्म के रिलीज होने का समय भी बेहद खास है। क्योंकि यह उनके जन्मदिन के ठीक 3 दिन पहले सिनेमाघरों में दस्तक देगी, जिससे दर्शकों के बीच एक जश्न जैसा माहौल बनेगा। माना जा रहा है कि यह फिल्म उनके करियर के एक और यादगार अध्याय को जोड़ देगी। धर्मेंद्र न सिर्फ एक महान अभिनेता हैं बल्कि एक सज्जन इंसान और सादगी के प्रतीक भी हैं। उनकी फिल्मों ने कई पीढ़ियों को मनोरंजन दिया है और अब 90 की उम्र में भी वे अपने काम के प्रति उतने ही समर्पित हैं।

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बिहार चुनाव लड़ने के बाद टूटा खेसारी लाल यादव का दिल, बताया फिल्मों से राजनीति में आने से कैसे हुआ बड़ा नुकसान

भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता-सिंगर खेसारी लाल यादव ने हाल-ही में अपनी राजनीति में उतरने की कोशिश को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने खुलकर कहा है कि उन्होंने अपनी करियर दांव पर दी है और आगे पांच साल कुछ कमाई नहीं कर पाएंगे, क्योंकि उन्होंने चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है। खेसारी लाल यादव बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में Rashtriya Janata Dal (आरजेडी) के टिकट पर छपरा से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे भोजपुरी स्टार के रूप में अपने अच्छे-खासे करियर को पीछे छोड़ चुनावी रणभूमि में उतर गए हैं। “सच पूछिए तो अब पांच साल मैं कुछ कमा नहीं पाऊंगा” उनके शब्द हैं। चुनावी प्रचार के दौरान खेसारी ने उत्तर प्रदेश-बिहार की भोजपुरी फ़िल्मों के बड़े नामों जैसे पवन सिंह, निरहुआ (दिनेश लाल यादव), मनोज तिवारी, रवि किशन आदि से जुड़ी बयानबाजी की है, यहां तक कि पवन सिंह की निजी जिंदगी पर भी टिप्पणी की। इसने उन्हें विवादों के घेरे में ला दिया है और सार्वजनिक रूप से यह सवाल उठने लगा है कि क्या उन्होंने इस कदम को पहले पर्याप्त सोचा-समझा नहीं था। खेसारी ने कहा कि उन्होंने अपने फिल्म-और-म्यूजिक करियर को रिस्क में डालकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। अगर उन्हें सफलता नहीं मिली, तो उनका मानना है कि आगे पाँच साल तक कमाई करना मुश्किल होगा। सोशल मीडिया पर उनके इस बयान को लेकर चर्चा चल रही है। कुछ लोग मान रहे हैं कि उन्होंने बिना सोचे-समझे कदम उठाया, तो कुछ उनके समर्थक अभी भी भरोसा जताते दिख रहे हैं कि वो विधायक बनेंगे और फिर करियर एक नए मोड़ पर जाएगा। यदि खेसारी इस चुनाव में जीतते हैं, तो उनकी राजनीतिक यात्रा एक नए अध्याय में प्रवेश करेगी; लेकिन हारने की स्थिति में उन्हें न सिर्फ राजनीति बल्कि भोजपुरी इंडस्ट्री में अपनी छवि पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि यह जोखिम उनके द्वारा उठाया गया है। इस पूरे परिप्रेक्ष्य में यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव परिणाम आने के बाद भोजपुरी सिनेमा में उनका स्थान और करियर किस दिशा में आगे बढ़ता है, क्या यह उन्हें नए अवसर देगा, या यह बयान उनके लिए चुनौती बनकर सामने आएगा।

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एक्स सास जरीन खान को अंतिम विदाई देने पहुंचे ऋतिक रोशन, पत्नी के निधन से टूटे संजय खान

मुंबई : फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता संजय खान की पत्नी और अभिनेत्री ज़रीन खान के निधन से पूरे बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई है। शुक्रवार सुबह जरीन खान का निधन हो गया, जिसके बाद खान परिवार के घर पर कलाकारों और रिश्तेदारों का तांता लग गया। ज़रीन खान, मशहूर अभिनेत्री सुष्मिता खान और फरदीन खान की मां थीं और कभी बॉलीवुड की चर्चित हस्तियों में शुमार थीं। जरीन खान के अंतिम संस्कार में कई फिल्मी सितारे पहुंचे, लेकिन सबकी नज़रें उस वक्त ठहर गईं जब उनके दामाद रह चुके ऋतिक रोशन ने पहुंचकर उन्हें अंतिम विदाई दी। ऋतिक कभी संजय खान की बेटी सुजैन खान के पति रह चुके हैं। तलाक के बावजूद ऋतिक और सुजैन ने हमेशा एक-दूसरे के परिवार के प्रति सम्मान बनाए रखा है। यही वजह रही कि ऋतिक अपनी एक्स सास के निधन पर सबसे पहले खान परिवार के घर पहुंचे और बेहद भावुक नज़र आए। ऋतिक रोशन को ज़रीन खान के पार्थिव शरीर के सामने हाथ जोड़े खड़े देखा गया। उन्होंने संजय खान से गले मिलकर सांत्वना दी। इस दौरान संजय खान की आंखें नम थीं और वे बेहद टूटे हुए दिखाई दिए। सूत्रों के अनुसार, ज़रीन खान पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रही थीं और उनका इलाज मुंबई में चल रहा था। परिवार के साथ बिताए अपने आखिरी दिनों में वे बहुत शांत और संयमित रहीं। अंतिम संस्कार में सुजैन खान, फरदीन खान, जायद खान, ट्विंकल खन्ना, सोनाली बेंद्रे, फराह अली खान, और कई फिल्मी सितारे मौजूद रहे। सभी ने उन्हें एक सशक्त और विनम्र महिला के रूप में याद किया। बॉलीवुड के लिए यह एक बड़ी क्षति मानी जा रही है। ज़रीन खान ने अपने सौम्य स्वभाव और पारिवारिक मूल्यों से इंडस्ट्री में एक विशेष पहचान बनाई थी। वहीं, संजय खान अपनी पत्नी के जाने से गहरे सदमे में हैं और परिवार फिलहाल सार्वजनिक बयान देने की स्थिति में नहीं है। ऋतिक रोशन और सुजैन खान के इस मौके पर एक साथ दिखाई देने से लोगों को उनके पुराने रिश्ते की गरिमा का एहसास हुआ। दोनों ने दिखाया कि रिश्ते भले बदल जाएं, लेकिन सम्मान और अपनापन हमेशा कायम रहता है।

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ऐश्वर्या-रेखा दोनों ने निभाया एक ही किरदार, एक को मिला पुरस्कार, दूसरी की झोली रही खाली

बॉलीवुड में कई बार ऐसा हुआ है जब एक ही किरदार को अलग-अलग समय पर दो अभिनेत्रियों ने निभाया हो। लेकिन हर बार नतीजा एक जैसा नहीं रहा। ऐसा ही कुछ हुआ था जब सदी की दो बेहतरीन अदाकाराएं — रेखा और ऐश्वर्या राय बच्चन — ने एक ही किरदार को पर्दे पर जिया। फर्क बस इतना था कि एक को इस रोल ने स्टारडम की ऊंचाई पर पहुंचाया, जबकि दूसरी के हिस्से आई तारीफें तो मिलीं, पर सफलता और पुरस्कार से दामन खाली रहा। यह बात हो रही है मशहूर उपन्यास “देवदास” की पारो (पार्वती) की कहानी की। रेखा ने 1980 में आई फिल्म “देवदास” में पारो की भूमिका निभाई थी, जबकि ऐश्वर्या राय बच्चन ने साल 2002 में संजय लीला भंसाली की “देवदास” में यही किरदार दोबारा निभाया। दोनों ही फिल्मों में किरदार का दर्द, प्रेम और सामाजिक मर्यादाओं का संघर्ष केंद्र में था, लेकिन परिणाम अलग-अलग रहे। रेखा की देवदास को दर्शकों और समीक्षकों की सराहना तो मिली, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकी। उस दौर में रेखा की परफॉर्मेंस को ‘संवेदनशील’ कहा गया, पर यह रोल उनके करियर का मील का पत्थर नहीं बन सका। वहीं, जब संजय लीला भंसाली ने देवदास (2002) बनाई, तो फिल्म भव्यता और भावनाओं का ऐसा संगम बन गई जिसने इतिहास रच दिया। ऐश्वर्या राय ने पारो के किरदार में अपनी मासूमियत और भावनाओं की गहराई से जान डाल दी। उनकी खूबसूरती, संवाद अदायगी और शालीनता ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। देवदास (2002) ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर बम्पर कमाई की बल्कि देश-विदेश में कई पुरस्कार भी जीते। इस फिल्म ने ऐश्वर्या को एक सशक्त अभिनेत्री के रूप में स्थापित कर दिया। जहां रेखा के समय में देवदास सीमित दर्शकों तक पहुंची थी, वहीं ऐश्वर्या की देवदास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान बनी। यह फिल्म कान्स फिल्म फेस्टिवल तक पहुंची, और पारो का किरदार भारतीय सिनेमा की यादगार भूमिकाओं में शामिल हो गया। इस तुलना से साफ है कि एक ही किरदार को दो अदाकाराओं ने अपनी-अपनी शैली में जिया — रेखा ने उसे भावनात्मक गहराई से और ऐश्वर्या ने उसे भव्यता व आधुनिक सेंस के साथ। लेकिन वक्त और प्रस्तुति ने ऐश्वर्या को वह ऊंचाई दी, जो रेखा को नहीं मिल सकी। फिल्मी दुनिया में यही तो दिलचस्प बात है — किरदार एक ही हो सकता है, पर उसे अमर बनाने की ताकत समय और प्रस्तुति दोनों से तय होती है। रेखा और ऐश्वर्या की पारो इसका बेहतरीन उदाहरण हैं।

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फिल्म और टीवी जगत के दिग्गज कॉमेडियन सतीश शाह का निधन, इंडस्ट्री में शोक की लहर

डेस्क रिपोर्ट : विजय तिवारी मुंबई : हिंदी सिनेमा और टेलीविजन की दुनिया के मशहूर अभिनेता और हास्य के बादशाह सतीश शाह अब हमारे बीच नहीं रहे। 74 वर्षीय सतीश शाह का 25 अक्टूबर को मुंबई में किडनी फेलियर के चलते निधन हो गया। उनके अचानक चले जाने से फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में गहरा शोक छा गया है। शुरुआती जीवन और शिक्षा सतीश शाह का जन्म 1951 में हुआ था। वे बचपन से ही अभिनय और कला के प्रति रुचि रखते थे। उनके परिवार ने भी उनका हौसला बढ़ाया और उन्होंनें अपने अभिनय का प्रशिक्षण थिएटर के माध्यम से प्राप्त किया। मुंबई आने से पहले उन्होंने छोटे मंचों और कॉलेज थिएटर में अभिनय किया, जहां उनकी कॉमिक प्रतिभा और सहज हाव-भाव ने दर्शकों का दिल जीत लिया। थिएटर और टीवी में करियर सतीश शाह का करियर थिएटर से शुरू हुआ, लेकिन उन्हें असली पहचान टीवी शो ‘ये जो है ज़िंदगी’ से मिली। इस शो में उनका किरदार दर्शकों के बीच घर-घर में लोकप्रिय हुआ। उन्होंने ‘हम पांच’, ‘हम सब’, ‘फ्लाइंग किचन’, और ‘ज्वेल्स ऑफ द इंडिया’ जैसे कई शो में भी अभिनय किया। उनकी कॉमिक टाइमिंग इतनी लाजवाब थी कि गंभीर सीन में भी दर्शक उनके अभिनय पर हंसते बिना नहीं रह पाते थे। वे हमेशा अपने किरदारों में प्राकृतिक हास्य और सहजता बनाए रखते थे, जिससे उनके अभिनय में कोई बनावट नहीं दिखती थी। फिल्मी करियर सतीश शाह ने फिल्मों में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने ‘जाने भी दो यारो’, ‘मैं हूँ ना’, ‘ओम शांति ओम’, ‘कल हो ना हो’, और ‘3 इडियट्स’ जैसी हिट फिल्मों में अभिनय किया। ‘जाने भी दो यारो’ में उनका हास्यप्रधान किरदार आज भी सिनेमाप्रेमियों के लिए यादगार है। ‘ओम शांति ओम’ में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के पर्दे के पीछे की राजनीति और जटिलताओं को अपनी अदाकारी से जीवंत किया। ‘3 इडियट्स’ और ‘कल हो ना हो’ में उनके छोटे पर प्रभावशाली किरदार ने दर्शकों को हंसाया और भावविभोर किया। सतीश शाह की हर फिल्म और शो में योगदान केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं था, वे अपने किरदारों में जीवन की सादगी और मानवीय भावनाओं को जीवंत करते थे। उनके डायलॉग और हल्के-फुल्के हास्य संवाद आज भी लोगों की यादों में ताजा हैं। सहयोग और सम्मान सतीश शाह ने न केवल कॉमिक किरदार निभाए, बल्कि नए कलाकारों को मार्गदर्शन देने में भी पीछे नहीं रहे। उनके साथी कलाकार और फिल्ममेकर उन्हें समर्पित और मेहनती कलाकार के रूप में याद करते हैं। फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर उनके निधन की पुष्टि करते हुए कहा, “सतीश भाई ने हर किरदार को दिल से निभाया। उनके जाने से इंडस्ट्री ने सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि एक आत्मा खो दी।” सोशल मीडिया पर बॉलीवुड के दिग्गजों ने भी भाव व्यक्त किए। अभिनेता अमिताभ बच्चन, अनुपम खेर, जॉनी लीवर सहित कई कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया। व्यक्तिगत जीवन और विरासत सतीश शाह का व्यक्तित्व बहुत सरल और मिलनसार था। वे अपने सहकर्मियों और सह-अभिनेताओं के बीच हमेशा मित्रवत और सहयोगी बने। उनकी हास्य कला ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया और मनोरंजन की दुनिया में उनका योगदान अमूल्य रहा। सतीश शाह की कॉमिक टाइमिंग, सहज अभिनय और यादगार किरदारों ने उन्हें दर्शकों के दिल में हमेशा के लिए अमर बना दिया। उनका जाना हिंदी सिनेमा और टीवी इंडस्ट्री के लिए अपूरणीय क्षति है।

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ऋषि कपूर को याद कर इमोशनल हुए रणबीर कपूर, बोले– “ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब पापा याद न आते हों”

बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर ने एक हालिया कार्यक्रम में अपने पिता ऋषि कपूर को याद करते हुए भावुक कर देने वाली बातें कहीं। अपने शानदार अभिनय और विनम्र स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले रणबीर ने कहा कि भले ही उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी मौजूदगी आज भी उनके दिल और काम में महसूस होती है। मुंबई में आयोजित एक फिल्म प्रमोशन इवेंट के दौरान जब पत्रकारों ने रणबीर से उनके पिता की कोई यादगार बात पूछी, तो वे कुछ पल के लिए रुक गए। आंखों में नमी लिए रणबीर बोले, “ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब मैं पापा को याद न करता हूं। वो मेरे जीवन के सबसे बड़े प्रेरणास्त्रोत थे। उनकी डांट भी प्यार भरी होती थी, और उनका गुस्सा भी मुझे आगे बढ़ने की ताकत देता था।” ऋषि कपूर का निधन 30 अप्रैल 2020 को हुआ था, लेकिन उनके चाहने वालों और परिवार के लिए वह आज भी जिंदा हैं। रणबीर ने आगे कहा, “जब भी किसी सीन के लिए कैमरे के सामने खड़ा होता हूं, तो ऐसा लगता है जैसे पापा वहीं कहीं खड़े होकर देख रहे हों। उनकी आवाज अब भी कानों में गूंजती है – ‘एक्सप्रेशन में सच्चाई रखो, ओवरएक्ट मत करो।’” रणबीर ने बताया कि उनके पिता हमेशा चाहते थे कि वह अपनी पहचान खुद बनाएं, न कि केवल कपूर खानदान के वारिस के रूप में। उन्होंने कहा, “पापा ने कभी आसान रास्ता नहीं दिखाया। वे चाहते थे कि मैं अपनी गलतियों से सीखूं। आज अगर लोग मुझे एक अच्छा अभिनेता मानते हैं, तो उसमें उनका सबसे बड़ा योगदान है।” इवेंट के दौरान मौजूद दर्शकों ने रणबीर की बातों पर तालियां बजाईं, जबकि खुद रणबीर कुछ देर के लिए भावुक होकर चुप हो गए। उन्होंने बताया कि अपनी आने वाली फिल्म ‘दिल की कहानी’ को उन्होंने अपने पिता को समर्पित किया है। उनके अनुसार, यह फिल्म उस रिश्ते को दर्शाती है जहां पिता और बेटे के बीच भावनाओं का संघर्ष और गहरा प्यार दोनों मौजूद होते हैं। रणबीर ने यह भी कहा कि वे अक्सर ऋषि कपूर की पुरानी फिल्में देखते हैं और उनके अभिनय से आज भी प्रेरणा लेते हैं। “जब मैं ‘बॉबी’, ‘चांदनी’ या ‘कर्ज़’ देखता हूं, तो समझ आता है कि उन्होंने अपने समय में कितना नया प्रयोग किया था। मैं उनके जैसा तो नहीं बन सकता, लेकिन कोशिश जरूर करता हूं कि वो मुझ पर गर्व करें।” कार्यक्रम के अंत में रणबीर ने कहा, “पापा ने सिखाया कि जिंदगी में सच्चा बनना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है। वो भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका प्यार और सीख हर कदम पर साथ है।” रणबीर की यह भावनात्मक यादें सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। यह लम्हा एक बार फिर साबित कर गया कि पिता और बेटे का रिश्ता सिर्फ खून का नहीं, बल्कि आत्मा का बंधन होता है—जो मौत के बाद भी कभी खत्म नहीं होता। by shruti kumari

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Filmfare Awards 2025: 25 साल बाद अभिषेक बच्चन बने ‘बेस्ट एक्टर’, ‘लापता लेडीज’ के नाम रही शाम

मुंबई में रविवार रात आयोजित हुए फिल्मफेयर अवॉर्ड्स 2025 ने बॉलीवुड के सितारों से सजी शाम को यादगार बना दिया। इस बार का अवॉर्ड समारोह कई मायनों में खास रहा—क्योंकि 25 साल बाद अभिषेक बच्चन ने अपने करियर का सबसे बड़ा अवॉर्ड अपने नाम किया। वहीं, कास्टिंग और कहानी के दम पर छाई रही फिल्म ‘लापता लेडीज’ ने इस साल के अधिकतर अवॉर्ड्स अपने नाम कर लिए। फिल्मफेयर की इस चमकदार शाम में फिल्म इंडस्ट्री के लगभग सभी बड़े सितारे शामिल हुए। रेड कार्पेट पर दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह, आलिया भट्ट, वरुण धवन, कृति सेनन, और अनन्या पांडे जैसे स्टार्स ने अपने लुक्स से सबका दिल जीत लिया। लेकिन रात की असली चर्चा उस वक्त हुई जब बेस्ट एक्टर की ट्रॉफी अभिषेक बच्चन के हाथों में आई। अभिषेक ने अपनी फिल्म ‘गुरुदक्षिणा’ के लिए बेस्ट एक्टर (क्रिटिक्स) का खिताब जीता। यह फिल्म एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जो सामाजिक अन्याय और निजी संघर्षों से जूझते हुए अपनी पहचान बनाता है। मंच पर अवॉर्ड लेते हुए अभिषेक ने भावुक होकर कहा, “25 साल का सफर आसान नहीं रहा। कई बार गिरा, कई बार संभला, लेकिन दर्शकों ने कभी मेरा साथ नहीं छोड़ा। यह अवॉर्ड मेरे पिता को समर्पित है, जिन्होंने मुझे सिखाया कि असफलता ही सफलता का पहला कदम होती है।” वहीं, ‘लापता लेडीज’ ने इस बार अवॉर्ड्स की झड़ी लगा दी। कियारा कश्यप के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट स्क्रीनप्ले और बेस्ट डेब्यू एक्ट्रेस जैसे कई बड़े अवॉर्ड्स जीते। यह फिल्म समाज की पितृसत्तात्मक सोच और महिला सशक्तिकरण पर आधारित है, जिसे दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने खूब सराहा। बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड विद्या बालन को उनकी फिल्म ‘काफिला’ के लिए मिला, जिसमें उन्होंने एक पत्रकार की भूमिका निभाई जो सच्चाई की तलाश में अपने जीवन को दांव पर लगा देती है। विद्या ने अपने भाषण में कहा, “असली अवॉर्ड तब मिलता है जब दर्शक थिएटर से सोच में डूबकर बाहर निकलें।” इसके अलावा बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का अवॉर्ड प्रीतम को फिल्म ‘दिल से दिल्ली’ के लिए मिला, जबकि बेस्ट लिरिक्स का खिताब गुलज़ार साहब को उनकी कवितामय पंक्तियों के लिए दिया गया। फिल्मफेयर 2025 की यह शाम न केवल सितारों की मौजूदगी से जगमगा उठी, बल्कि इसने एक संदेश भी दिया—कि बॉलीवुड में फिर से कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा का दौर लौट आया है। दर्शक अब सिर्फ ग्लैमर नहीं, बल्कि असली कहानियों की तलाश में हैं। रात के अंत में जब पूरा ऑडिटोरियम तालियों की गूंज से भर उठा, तो साफ हो गया कि यह शाम अभिषेक बच्चन और ‘लापता लेडीज’ के नाम रही। यह फिल्मफेयर अवॉर्ड्स याद किए जाएंगे एक नए युग की शुरुआत के रूप में—जहां मेहनत, लगन और सच्ची कहानी कहने की कला ने फिर से अपनी पहचान बनाई। BY SHRUTI KUAMRI

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कॉमेडियन Bharti Singh बनीं दोबारा मां, खूबसूरत तस्वीर के साथ दी खुशखबरी!

Bharti Singh: टीवी की मशहूर कॉमेडियन भारती सिंह (Bharti Singh) ने एक बार फिर फैंस को खुशखबरी दी है। भारती ने अपने दूसरे बच्चे की प्रेग्नेंसी की अनाउंसमेंट सोशल मीडिया पर एक बेहद खूबसूरत तस्वीर शेयर कर की है। तस्वीर में भारती अपने पति हर्ष लिंबाचिया (Haarsh Limbachiyaa) के साथ नजर आ रही हैं, दोनों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही है। भारती ने पोस्ट के साथ कैप्शन लिखा — “हमारा परिवार अब चार होने जा रहा है… आपका आशीर्वाद चाहिए।” बस फिर क्या था, कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़ आ गई। फैंस से लेकर सेलेब्स तक सभी ने कमेंट कर कपल को शुभकामनाएं दीं। भारती और हर्ष ने साल 2017 में शादी की थी। 2022 में दोनों अपने पहले बच्चे लक्ष्य (Golla) के माता-पिता बने थे। भारती अक्सर अपने यूट्यूब व्लॉग्स और इंस्टाग्राम रील्स में बेटे लक्ष्य के साथ मस्ती करते हुए दिखाई देती हैं।दूसरी बार मां बनने की खबर ने उनके फैंस को बेहद खुश कर दिया है। कॉमेडी की दुनिया में अपनी टाइमिंग और सेंस ऑफ ह्यूमर से लोगों का दिल जीतने वाली भारती अब एक बार फिर “मॉमी मोड” में जाने की तैयारी में हैं। कई फैंस ने कमेंट किया — “गोला को मिलने वाला है छोटा भाई या प्यारी बहन!” वहीं कुछ ने लिखा, “भारती फिर से मम्मी बनने वाली हैं, कितना प्यारा सरप्राइज है।” भारती सिंह की यह तस्वीर और खुशखबरी फिलहाल पूरे इंटरनेट पर ट्रेंड कर रही है, और फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं उनके “बेबी नंबर 2” के आने का।

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