बिहार चुनाव लड़ने के बाद टूटा खेसारी लाल यादव का दिल, बताया फिल्मों से राजनीति में आने से कैसे हुआ बड़ा नुकसान
भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता-सिंगर खेसारी लाल यादव ने हाल-ही में अपनी राजनीति में उतरने की कोशिश को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने खुलकर कहा है कि उन्होंने अपनी करियर दांव पर दी है और आगे पांच साल कुछ कमाई नहीं कर पाएंगे, क्योंकि उन्होंने चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है। खेसारी लाल यादव बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में Rashtriya Janata Dal (आरजेडी) के टिकट पर छपरा से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे भोजपुरी स्टार के रूप में अपने अच्छे-खासे करियर को पीछे छोड़ चुनावी रणभूमि में उतर गए हैं। “सच पूछिए तो अब पांच साल मैं कुछ कमा नहीं पाऊंगा” उनके शब्द हैं। चुनावी प्रचार के दौरान खेसारी ने उत्तर प्रदेश-बिहार की भोजपुरी फ़िल्मों के बड़े नामों जैसे पवन सिंह, निरहुआ (दिनेश लाल यादव), मनोज तिवारी, रवि किशन आदि से जुड़ी बयानबाजी की है, यहां तक कि पवन सिंह की निजी जिंदगी पर भी टिप्पणी की। इसने उन्हें विवादों के घेरे में ला दिया है और सार्वजनिक रूप से यह सवाल उठने लगा है कि क्या उन्होंने इस कदम को पहले पर्याप्त सोचा-समझा नहीं था। खेसारी ने कहा कि उन्होंने अपने फिल्म-और-म्यूजिक करियर को रिस्क में डालकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। अगर उन्हें सफलता नहीं मिली, तो उनका मानना है कि आगे पाँच साल तक कमाई करना मुश्किल होगा। सोशल मीडिया पर उनके इस बयान को लेकर चर्चा चल रही है। कुछ लोग मान रहे हैं कि उन्होंने बिना सोचे-समझे कदम उठाया, तो कुछ उनके समर्थक अभी भी भरोसा जताते दिख रहे हैं कि वो विधायक बनेंगे और फिर करियर एक नए मोड़ पर जाएगा। यदि खेसारी इस चुनाव में जीतते हैं, तो उनकी राजनीतिक यात्रा एक नए अध्याय में प्रवेश करेगी; लेकिन हारने की स्थिति में उन्हें न सिर्फ राजनीति बल्कि भोजपुरी इंडस्ट्री में अपनी छवि पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि यह जोखिम उनके द्वारा उठाया गया है। इस पूरे परिप्रेक्ष्य में यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव परिणाम आने के बाद भोजपुरी सिनेमा में उनका स्थान और करियर किस दिशा में आगे बढ़ता है, क्या यह उन्हें नए अवसर देगा, या यह बयान उनके लिए चुनौती बनकर सामने आएगा।


