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October 2025

ऐश्वर्या-रेखा दोनों ने निभाया एक ही किरदार, एक को मिला पुरस्कार, दूसरी की झोली रही खाली

बॉलीवुड में कई बार ऐसा हुआ है जब एक ही किरदार को अलग-अलग समय पर दो अभिनेत्रियों ने निभाया हो। लेकिन हर बार नतीजा एक जैसा नहीं रहा। ऐसा ही कुछ हुआ था जब सदी की दो बेहतरीन अदाकाराएं — रेखा और ऐश्वर्या राय बच्चन — ने एक ही किरदार को पर्दे पर जिया। फर्क बस इतना था कि एक को इस रोल ने स्टारडम की ऊंचाई पर पहुंचाया, जबकि दूसरी के हिस्से आई तारीफें तो मिलीं, पर सफलता और पुरस्कार से दामन खाली रहा। यह बात हो रही है मशहूर उपन्यास “देवदास” की पारो (पार्वती) की कहानी की। रेखा ने 1980 में आई फिल्म “देवदास” में पारो की भूमिका निभाई थी, जबकि ऐश्वर्या राय बच्चन ने साल 2002 में संजय लीला भंसाली की “देवदास” में यही किरदार दोबारा निभाया। दोनों ही फिल्मों में किरदार का दर्द, प्रेम और सामाजिक मर्यादाओं का संघर्ष केंद्र में था, लेकिन परिणाम अलग-अलग रहे। रेखा की देवदास को दर्शकों और समीक्षकों की सराहना तो मिली, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकी। उस दौर में रेखा की परफॉर्मेंस को ‘संवेदनशील’ कहा गया, पर यह रोल उनके करियर का मील का पत्थर नहीं बन सका। वहीं, जब संजय लीला भंसाली ने देवदास (2002) बनाई, तो फिल्म भव्यता और भावनाओं का ऐसा संगम बन गई जिसने इतिहास रच दिया। ऐश्वर्या राय ने पारो के किरदार में अपनी मासूमियत और भावनाओं की गहराई से जान डाल दी। उनकी खूबसूरती, संवाद अदायगी और शालीनता ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। देवदास (2002) ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर बम्पर कमाई की बल्कि देश-विदेश में कई पुरस्कार भी जीते। इस फिल्म ने ऐश्वर्या को एक सशक्त अभिनेत्री के रूप में स्थापित कर दिया। जहां रेखा के समय में देवदास सीमित दर्शकों तक पहुंची थी, वहीं ऐश्वर्या की देवदास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान बनी। यह फिल्म कान्स फिल्म फेस्टिवल तक पहुंची, और पारो का किरदार भारतीय सिनेमा की यादगार भूमिकाओं में शामिल हो गया। इस तुलना से साफ है कि एक ही किरदार को दो अदाकाराओं ने अपनी-अपनी शैली में जिया — रेखा ने उसे भावनात्मक गहराई से और ऐश्वर्या ने उसे भव्यता व आधुनिक सेंस के साथ। लेकिन वक्त और प्रस्तुति ने ऐश्वर्या को वह ऊंचाई दी, जो रेखा को नहीं मिल सकी। फिल्मी दुनिया में यही तो दिलचस्प बात है — किरदार एक ही हो सकता है, पर उसे अमर बनाने की ताकत समय और प्रस्तुति दोनों से तय होती है। रेखा और ऐश्वर्या की पारो इसका बेहतरीन उदाहरण हैं।

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ममता कुलकर्णी

दाऊद इब्राहिम पर बयान देकर फिर ममता कुलकर्णी, बोली- दाऊद नहीं है आतंकवादी

90 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह है उनका दाऊद इब्राहिम पर दिया गया विवादित बयान। हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो में ममता कहती नजर आ रही हैं कि “दाऊद इब्राहिम कोई आतंकवादी नहीं है।” उन्होंने कहा कि उनका दाऊद से कोई लेना-देना नहीं है, और उन्होंने देश में कभी कोई बम ब्लास्ट या राष्ट्रविरोधी काम नहीं किया। ममता के अनुसार, “अगर किसी ने बम ब्लास्ट नहीं किया, तो वो आतंकवादी कैसे हो सकता है? मैंने तो उसे कभी मिला भी नहीं।” उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है। यूजर्स उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं और कह रहे हैं कि ममता को इतिहास और कानून की सही जानकारी नहीं है, क्योंकि दाऊद इब्राहिम भारत में 1993 मुंबई बम ब्लास्ट का मुख्य आरोपी और घोषित आतंकवादी है। ममता कुलकर्णी का नाम पहले भी कई बार विवादों में आ चुका है। उनका नाम अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन और दाऊद से जोड़ा गया था। फिल्म ‘चाइना गेट’ की शूटिंग के दौरान भी उनके अंडरवर्ल्ड से संबंधों की चर्चा रही थी। इसके अलावा, उनका नाम 2000 करोड़ रुपये के ड्रग्स केस में भी सामने आया था। कहा जाता है कि उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति से शादी की थी जो ड्रग माफिया से जुड़ा था। साल 2000 के बाद वह भारत छोड़कर विदेश चली गईं और उनकी आखिरी फिल्म 2002 में रिलीज हुई थी। हाल ही में ममता तब भी चर्चा में आई थीं जब उन्होंने खुद को किन्नर अखाड़े की महा मंडलेश्वर घोषित किया था, हालांकि बाद में विवाद के कारण उन्हें उस पद से हटा दिया गया। अब दाऊद इब्राहिम पर दिया गया उनका बयान फिर से उन्हें सुर्खियों में ले आया है। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि यह बयान न सिर्फ गलत है बल्कि आतंकवाद के पीड़ितों के प्रति असंवेदनशीलता भी दिखाता है। ममता कुलकर्णी ने दाऊद इब्राहिम को आतंकवादी नहीं माना है, जिससे एक बार फिर उनका नाम विवादों में आ गया है और सोशल मीडिया पर लोग उनकी कड़ी आलोचना कर रहे हैं।

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फिल्म साईं बाबा के अभिनेता सुधीर दलवी अस्पताल में भर्ती, परिवार ने मांगी 15 लाख की मदद

फिल्म-टीवी जगत के मशहूर अभिनेता सुधीर दलवी, जिन्हें “शिरडी के साईं बाबा” के नाम से बन चुकी फिल्म के कारण खास पहचान मिली है, इन दिनों गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहे हैं। परिवार ने उनके इलाज के लिए सार्वजनिक तौर पर 15 लाख रुपये की आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार, सुधीर दलवी को सेप्टिक संक्रमण (septicemia) हुआ है, जो बड़ी तेजी से उनकी सेहत को प्रभावित कर रहा है। इस संक्रमण के चलते उनकी हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है और उन्होंने अस्पताल में भर्ती होकर intensive-care जैसे इलाज आरंभ कर रखा है। परिवार की ओर से बताया गया है कि अब तक उनके इलाज पर लगभग 10 लाख रुपये का खर्च हो चुका है, लेकिन आगे की चिकित्सा व अस्पताल संबंधी लागत को देखते हुए अतिरिक्त वित्तीय सहायता की तत्काल आवश्यकता है। इस वर्ष की यह पहल फिल्म-शोबिज इंडस्ट्री से आने वाले ऐसे कलाकारों की स्थिति को फिर से उजागर करती है, जो एक समय में प्रशंसित रहे हों पर स्वास्थ्य संकट से जब सामना करें तो उनका बाय-साइड समर्थन मुहैया करना कठिन हो जाता है। हाल के वर्षों में यह बात उठती रही है कि मनोरंजन जगत में काम करने वाले कलाकारों का सामाजिक सुरक्षा जाल उतना मजबूत नहीं होता जितना कि अन्य क्षेत्रों में काम करने वालों का होता है विशेष रूप से जब अचानक स्वास्थ्य / चिकित्सा समस्या उभरती है। सुधीर दलवी के साथ जो हालात बने हैं, वे इस पहलू की ओर सार्वजनिक ध्यान खींच रहे हैं: सम्मानित कलाकार भी आर्थिक रूप से असहाय हो सकते हैं, और मदद के लिए सार्वजनिक अपील करना पड़ सकता है। 8सुधीर दलवी ने हिंदी/महाराष्ट्रीयन फिल्म-टीवी में लंबे समय से काम किया है और “शिरडी के साईं बाबा” जैसी बहुचर्चित फिल्म ने उन्हें व्यापक पहचान दी थी। अब जब उन्हें स्वास्थ्य संकट से जूझना पड़ रहा है, तो उनके साथी कलाकारों, प्रशंसकों और मीडिया-समर्थकों से उम्मीद जताई जा रही है कि वे इस मुश्किल घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़े हों। फिलहाल, परिवार ने यही कहा है कि प्राप्त होने वाली सहायता को इलाज-प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखने की जिम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। अधिक जानकारी या योगदान देने के इच्छुक लोग भरोसेमंद स्रोतों द्वारा जारी सहायता-निवेदन का अनुसरण कर सकते हैं।

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टीवी की जोधा अब करेंगी बॉलीवुड में एंट्री, इमरान हाशमी के साथ नजर आएंगी परिधि शर्मा

टीवी जगत की चहिँदी नायिका परिधि शर्मा अब बड़े पर्दे की ओर बढ़ रही हैं। हाल ही में खबर सामने आई है कि टीवी के पॉपुलर शो Jodha Akbar में जोधा बाई का किरदार निभा चुकी परिधि अब बॉलीवुड में अपना डेब्यू करने जा रही हैं। परिधि शर्मा ने टीवी में अपनी अलग पहचान बनाई है। “जोधा अकबर” के अलावा उन्हें हिंदी टीवी सीरियलों जैसे Patiala Babes और Jag Jaanani Maa Vaishno में देखा गया है। लेकिन इन शोज़ के बाद वह कुछ समय तक टीवी से गायब भी थीं। अब उन्होंने इस बाई-स्टेज ब्रेक के बाद एक नए अध्याय — बॉलीवुड की तैयारी कर ली है। उनकी पहली बॉलीवुड फिल्म का नाम Haq बताया जा रहा है, जिसमें वे सुपरस्टार अभिनेता Emraan Hashmi के साथ नजर आएंगी। फिल्म की कहानी एक सच्ची घटना पर आधारित होगी 1980 के दशक के मशहूर Shah Bano case को संदर्भित करती है। उनका किरदार ‘इरम’ नाम की महिला का होगा जो उस दौर की पितृसत्ता-परक सोच को बयां करेगी। यह फिल्म उनके होमटाउन इंदौर की सच्ची कहानी से प्रेरित है, जिससे यह उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी खास महसूस हो रही है। बॉलीवुड में कदम रखते हुए परिधि ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने कम्फ़र्ट जोन से बाहर निकलने को तैयार हैं और चैलेंजिंग रोल्स को अपनाना चाहती हैं। लंबे समय बाद छोटे पर्दे से दूरी के बाद यह कदम उनके करियर में नया मोड़ साबित हो सकता है। परिधि ने टीवी इंडस्ट्री में प्रवेश शादी के बाद किया था और उस समय उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपने पति को अपनी सफलता का बहुत श्रेय दिया है। सोशल मीडिया पर भी वह सक्रिय रही हैं, इंस्टाग्राम पर एक मिलियन से अधिक फॉलोवर्स के साथ। यह फैक्ट उनके लिए एक समर्थक-मंडीेशन का रूप ले चुका है जो उन्हें बड़े मंच पर ले जा रहा है।

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राजदीप सिकदर पहाड़ों से मुंबई तक एक संघर्षमयी अभिनय यात्रा

कहते हैं, पहाड़ों से निकलने वाली हवा में सादगी, मेहनत और लगन की खुशबू होती है। इन्हीं खुशबुओं में पले-बढ़े अभिनेता राजदीप सिकदर ने अपने सपनों को आसमान तक पहुंचाने का सफर तय किया है। दार्जिलिंग के सिलीगुड़ी से निकलकर मुंबई की चमचमाती दुनिया तक पहुँचना उनके लिए आसान नहीं था, मगर उनकी मेहनत, लगन और अभिनय के प्रति जुनून ने उन्हें आज एक पहचान दिलाई है।राजदीप सिकदर का जन्म एक संगीतमय परिवार में हुआ। उनकी माँ, बुआ और मौसी सभी गायिका हैं, इसलिए कला उनके खून में ही थी। बचपन से ही वे स्कूल और कॉलेज में नाटक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते थे। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई और कॉलेज सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग से पूरी की। इसके बाद उनका सफर बेंगलुरु की ओर मुड़ा, जहाँ उन्होंने जॉब करते हुए मॉडलिंग की शुरुआत की। बेंगलुरु में मॉडलिंग ने उन्हें मंच और कैमरे का आत्मविश्वास दिया, लेकिन उनके दिल में हमेशा से एक सपना था एक्टर बनने का। मुंबई आने के बाद उन्होंने एक्टिंग स्कूल जॉइन किया, जहाँ उन्होंने अभिनय की बारीकियाँ सीखीं। कोर्स पूरा करने के बाद नाटक, वर्कशॉप और फिर अंतहीन ऑडिशन का सिलसिला शुरू हुआ सिलेक्शन और रिजेक्शन दोनों का अनुभव लेते हुए उन्होंने कभी हार नहीं मानी। राजदीप का पहला बड़ा ब्रेक टेलीविज़न शो “सीआईडी” से मिला। वहीं उन्होंने पहली बार डायलॉग के साथ कैमरे के सामने अभिनय किया। उन्होंने शो के प्रमुख किरदारों दया, अभिजीत और एसीपी प्रद्युमन के साथ सीन साझा किया। यही वो मंच था जिसने उन्हें पहचान दी और आत्मविश्वास भी। इसके बाद वे बार-बार सीआईडी में नज़र आए और फिर क्राइम पेट्रोल और सावधान इंडिया जैसे पॉपुलर शो में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। राजदीप मानते हैं कि उनकी प्रेरणा बनी फिल्म “3 इडियट्स”, जिसने उन्हें यह एहसास कराया कि इंसान को वही काम करना चाहिए जिसमें उसका दिल बसता है। उन्होंने उसी दिन ठान लिया था कि एक्टिंग ही उनका असली रास्ता है। करियर के दौरान उन्होंने कई नेगेटिव और पॉज़िटिव किरदार निभाए हैं, लेकिन उन्हें नेगेटिव रोल्स में गहराई तक उतरना ज्यादा पसंद है ऐसे किरदार जो उनके असली व्यक्तित्व से बिल्कुल अलग होते हैं। वे कहते हैं, “ऐसे रोल्स मुझे एक्सप्लोर करने का मौका देते हैं कि इंसान कितने चेहरे रख सकता है।” राजदीप का सपना है कि वे कभी किसी फ्रीडम फाइटर का किरदार निभाएं चाहे वो नेताजी सुभाष चंद्र बोस हों या भगत सिंह। वे मानते हैं कि देश के लिए कुर्बानी देने वाले ऐसे किरदार निभाना गर्व की बात होगी।फिलहाल राजदीप दो फिल्मों और एक वेब सीरीज पर काम कर रहे हैं, जिनमें से एक बड़ी फिल्म 2026 में रिलीज़ होने की संभावना है। वेब प्लेटफॉर्म्स और वर्टिकल सीरीज में भी वे सक्रिय हैं। भविष्य को लेकर राजदीप का सपना साफ है “पाँच साल बाद मैं एक ऐसा एक्टर बनना चाहता हूँ जिसे लोग सिर्फ चेहरे से नहीं, नाम से पहचानें ।” उनका मानना है कि जब तक लोग आपका नाम याद न रखें, तब तक मेहनत बाकी है।राजदीप सिकदर की कहानी सिर्फ एक एक्टर की नहीं, बल्कि उस इंसान की है जिसने पहाड़ों की मिट्टी से उठकर मुंबई के सेट्स तक अपने सपनों को सच किया बिना रुके, बिना झुके।लेखक संपादक राहुल कुमार शुक्ला

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फिल्म और टीवी जगत के दिग्गज कॉमेडियन सतीश शाह का निधन, इंडस्ट्री में शोक की लहर

डेस्क रिपोर्ट : विजय तिवारी मुंबई : हिंदी सिनेमा और टेलीविजन की दुनिया के मशहूर अभिनेता और हास्य के बादशाह सतीश शाह अब हमारे बीच नहीं रहे। 74 वर्षीय सतीश शाह का 25 अक्टूबर को मुंबई में किडनी फेलियर के चलते निधन हो गया। उनके अचानक चले जाने से फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में गहरा शोक छा गया है। शुरुआती जीवन और शिक्षा सतीश शाह का जन्म 1951 में हुआ था। वे बचपन से ही अभिनय और कला के प्रति रुचि रखते थे। उनके परिवार ने भी उनका हौसला बढ़ाया और उन्होंनें अपने अभिनय का प्रशिक्षण थिएटर के माध्यम से प्राप्त किया। मुंबई आने से पहले उन्होंने छोटे मंचों और कॉलेज थिएटर में अभिनय किया, जहां उनकी कॉमिक प्रतिभा और सहज हाव-भाव ने दर्शकों का दिल जीत लिया। थिएटर और टीवी में करियर सतीश शाह का करियर थिएटर से शुरू हुआ, लेकिन उन्हें असली पहचान टीवी शो ‘ये जो है ज़िंदगी’ से मिली। इस शो में उनका किरदार दर्शकों के बीच घर-घर में लोकप्रिय हुआ। उन्होंने ‘हम पांच’, ‘हम सब’, ‘फ्लाइंग किचन’, और ‘ज्वेल्स ऑफ द इंडिया’ जैसे कई शो में भी अभिनय किया। उनकी कॉमिक टाइमिंग इतनी लाजवाब थी कि गंभीर सीन में भी दर्शक उनके अभिनय पर हंसते बिना नहीं रह पाते थे। वे हमेशा अपने किरदारों में प्राकृतिक हास्य और सहजता बनाए रखते थे, जिससे उनके अभिनय में कोई बनावट नहीं दिखती थी। फिल्मी करियर सतीश शाह ने फिल्मों में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने ‘जाने भी दो यारो’, ‘मैं हूँ ना’, ‘ओम शांति ओम’, ‘कल हो ना हो’, और ‘3 इडियट्स’ जैसी हिट फिल्मों में अभिनय किया। ‘जाने भी दो यारो’ में उनका हास्यप्रधान किरदार आज भी सिनेमाप्रेमियों के लिए यादगार है। ‘ओम शांति ओम’ में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के पर्दे के पीछे की राजनीति और जटिलताओं को अपनी अदाकारी से जीवंत किया। ‘3 इडियट्स’ और ‘कल हो ना हो’ में उनके छोटे पर प्रभावशाली किरदार ने दर्शकों को हंसाया और भावविभोर किया। सतीश शाह की हर फिल्म और शो में योगदान केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं था, वे अपने किरदारों में जीवन की सादगी और मानवीय भावनाओं को जीवंत करते थे। उनके डायलॉग और हल्के-फुल्के हास्य संवाद आज भी लोगों की यादों में ताजा हैं। सहयोग और सम्मान सतीश शाह ने न केवल कॉमिक किरदार निभाए, बल्कि नए कलाकारों को मार्गदर्शन देने में भी पीछे नहीं रहे। उनके साथी कलाकार और फिल्ममेकर उन्हें समर्पित और मेहनती कलाकार के रूप में याद करते हैं। फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर उनके निधन की पुष्टि करते हुए कहा, “सतीश भाई ने हर किरदार को दिल से निभाया। उनके जाने से इंडस्ट्री ने सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि एक आत्मा खो दी।” सोशल मीडिया पर बॉलीवुड के दिग्गजों ने भी भाव व्यक्त किए। अभिनेता अमिताभ बच्चन, अनुपम खेर, जॉनी लीवर सहित कई कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया। व्यक्तिगत जीवन और विरासत सतीश शाह का व्यक्तित्व बहुत सरल और मिलनसार था। वे अपने सहकर्मियों और सह-अभिनेताओं के बीच हमेशा मित्रवत और सहयोगी बने। उनकी हास्य कला ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया और मनोरंजन की दुनिया में उनका योगदान अमूल्य रहा। सतीश शाह की कॉमिक टाइमिंग, सहज अभिनय और यादगार किरदारों ने उन्हें दर्शकों के दिल में हमेशा के लिए अमर बना दिया। उनका जाना हिंदी सिनेमा और टीवी इंडस्ट्री के लिए अपूरणीय क्षति है।

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Bigg Boss 19: सलमान खान ने Tanya Mittal-Malti Chahar ने लगाई फटकार, हैरान हुए घरवाले

टीवी रियलिटी शो Bigg Boss 19 के इस हफ्ते के “वीकेंड का वार” में होस्ट सलमान खान ने दो कंटेस्टेंट्स तान्या मित्तल और मालती चाहर पर खुलकर टिप्पणी की। यह मामला उस टास्क से जुड़ा था जिसमें नामांकन के दौरान मालती ने तान्या को पूल में धकेल दिया, जिससे तान्या भावनात्मक हो गईं। सलमान खान ने तान्या को फटकार लगाई कि वे “सहानुभूति कार्ड” खेल रही हैं और अपनी भावनाओं को रणनीति के लिए इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने कहा, “आप जो कर रही हैं करिए, कोई फर्क नहीं पड़ता।” इसका मतलब था कि तान्या की ये ड्रामेबाज़ी अब दर्शकों पर असर नहीं डाल रही है। मालती की एंट्री के बाद घर का माहौल और तनावपूर्ण हो गया। मालती ने तान्या की इस ‘ड्रामा’ स्टाइल को निशाना बनाया और कहा कि उन्हें पता था कि टास्क में धक्का-मुक्की होगी, फिर भी तान्या ने साड़ी पहनकर हिस्सा लिया। तान्या ने जवाब दिया कि “अगर रोना ही था तो रो लूँ, मुझे क्या?”। इस बातचीत ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी और फैंस दो हिस्सों में बंट गए। एक तरफ #TeamMalti जो मालती की सीधे और दमदार अप्रोच की तारीफ कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ #TeamTanya जो कह रहा है कि तान्या बस अपनी भावनाएं दिखा रही थीं। इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ़ हो गया कि Bigg Boss 19 अब सिर्फ टास्क और मनोरंजन का शो नहीं रह गया है, बल्कि इसमें भावनात्मक रणनीति और दर्शकों को प्रभावित करने की जद्दोजहद भी चल रही है। सलमान खान ने साफ किया कि कुछ कंटेस्टेंट शो को ओवरड्रामेटिक बना रहे हैं और हदें पार कर रहे हैं। अब देखना होगा कि आने वाले वीकेंड के एपिसोड में सलमान का रुख कैसा रहेगा और क्या तान्या अपने गेम में बदलाव लाएंगी या मालती और तान्या का टकराव और बढ़ेगा। सभी की निगाहें आगामी नामांकन, कंफेशन रूम की बातचीत और वोटिंग ट्रेंड्स पर टिकी हुई हैं।

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एक्ट्रेस सुरवीन चावला ने शेयर किए अपने डरावने अनुभव, बॉलीवुड की इस तरह से खोली पोल

क्राइम रिपोर्टर : अन्नू दिवाकर एक्ट्रेस सुरवीन चावला की वेब सीरीज ‘क्रिमिनल जस्टिस 4’ अब जियोहॉटस्टार पर रिलीज हो गई है। सीरीज के प्रमोशन के दौरान सुरवीन ने मीडिया को इंटरव्यू दिया और अपने साथ हुए कुछ दर्दनाक अनुभवों के बारे में बताया। सुरवीन ने बताया कि जब वह नौवीं कक्षा में थीं, तब उनके साथ एक डरावनी घटना हुई। वह घर के बाहर खेल रही थीं कि तभी साइकल पर एक आदमी आया। उसने उन्हें अपने पास बुलाया और जैसे ही सुरवीन उसके पास बढ़ीं, उन्होंने देखा कि आदमी पैंट से कुछ बाहर निकाल रहा था और साइकल पर बैठकर मास्टरबेट करने लगा। सुरवीन डरकर तुरंत घर की तरफ भाग गईं। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें समझ नहीं आया कि क्या हो रहा है, लेकिन यह घटना उनके दिमाग में बैठ गई और लंबे समय तक उसका असर रहा। सुरवीन ने कहा, “इस तरह की घटनाएं लड़कियों के मन में डर और कन्फ्यूजन पैदा करती हैं। उन्हें तब समझ नहीं आता, लेकिन यह घटना दिमाग में बैठ जाती है और लंबे समय तक याद रहती है।” सुरवीन ने मुंबई में अपने कास्टिंग काउच के अनुभव के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि एक डायरेक्टर से मीटिंग हुई थी। मीटिंग पूरी होने के बाद, जब सुरवीन बाहर निकल रही थीं, तो वह डायरेक्टर उन्हें गेट तक छोड़ने आया और झुककर उन्हें किस करने की कोशिश की। सुरवीन ने उसे धक्का दिया और तुरंत वहां से निकल गईं। सुरवीन ने कहा, “लोग मान लेते हैं कि काम पाने के लिए ऐसे हालात झेलने पड़ेंगे, लेकिन यह बहुत गलत है। अब वक्त है कि इंडस्ट्री में हो रहे शोषण के खिलाफ आवाज उठाई जाए। लड़कियों को हिम्मत से अपने काम को करना चाहिए और ऐसे लोगों का पर्दाफाश करना चाहिए, चाहे वो कितने भी बड़े क्यों न हों।” सुरवीन की कहानी बताती है कि यौन उत्पीड़न किसी भी उम्र में हो सकता है, और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने लोगों से कहा कि डरने की बजाय साहस से इसका सामना करना चाहिए और ऐसे अपराधियों को उजागर करना चाहिए।

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श्रेयस तलपड़े-आलोक नाथ

श्रेयस तलपड़े-आलोक नाथ पर लगा 5 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, यूपी में दर्ज हुई FIR

बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। दोनों कलाकारों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक और धोखाधड़ी (Fraud) का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि दोनों ने एक को-ऑपरेटिव सोसाइटी के ज़रिए सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है। इस मामले में कुल 22 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित द लोनो अर्बन मल्टीस्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड नाम की संस्था पर ठगी का आरोप लगा है। इस सोसाइटी ने ग्रामीणों को झूठे वादों के साथ निवेश करने के लिए प्रेरित किया। लोगों से कहा गया कि अगर वे पैसा जमा करेंगे, तो उनका पैसा कुछ ही महीनों में दोगुना हो जाएगा। इन झूठे वादों के झांसे में आकर कई ग्रामीणों ने अपनी मेहनत की कमाई इस स्कीम में लगा दी। कुछ समय बाद जब लोगों ने अपने पैसे की वापसी की मांग की, तो संस्था ने अचानक अपना कामकाज बंद कर दिया। बताया जा रहा है कि 500 से ज़्यादा निवेशकों से करीब 5 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। इस पूरी योजना में अभिनेता श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ का नाम इसलिए सामने आया है क्योंकि दोनों इस संस्था के “ब्रांड एंबेसडर” थे। संस्था ने उनके नाम और चेहरे का इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीता और निवेश करवाया। यह पहली बार नहीं है जब इन दोनों कलाकारों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई हो। इससे पहले भी लखनऊ के गोमती नगर थाने में करीब 9 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में इनके खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है। तब भी आरोप था कि संस्था ने लोगों से पैसे लेकर उन्हें रिटर्न नहीं दिया। इस साल जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने श्रेयस तलपड़े को अस्थायी राहत (interim protection) दी थी ताकि जांच पूरी होने तक उनकी गिरफ्तारी न हो सके। बाद में आलोक नाथ को भी इसी मामले में राहत मिली थी। एक महिला पीड़िता ने बताया कि संस्था के एजेंट उनके गांव आए थे और कहा था कि यह योजना सरकार द्वारा मंजूर की गई है। भरोसा दिलाया गया कि उनका पैसा सुरक्षित रहेगा। महिला ने करीब 1.9 लाख रुपये का निवेश किया, लेकिन कुछ ही महीनों में संस्था ने अपना सॉफ्टवेयर बंद कर दिया और संपर्क तोड़ लिया। बताया जा रहा है कि इस संस्था के करीब 25 एजेंट अलग-अलग जिलों में सक्रिय थे, जो लोगों से निवेश करवाने का काम करते थे। उत्तर प्रदेश पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। एजेंटों और संस्था के खातों की जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि पैसा कहां गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ की इस स्कीम में वास्तविक भूमिका कितनी थी — क्या वे केवल प्रचारक थे या अंदरूनी रूप से जुड़े हुए थे। फिलहाल दोनों अभिनेताओं ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

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Aspak Khan

अभिनय की दुनिया में उभरता सितारा अस्पाक खांन जिसने फिल्म इंडस्ट्री में बनाई अपने दम पर पहचान

हर सपने की शुरुआत एक छोटी सी चिंगारी से होती है, और अस्पाक खांन के लिए यह चिंगारी बचपन में जली जब उन्होंने अपने पसंदीदा अभिनेताओं को पर्दे पर अभिनय करते देखा। फिल्मों और सीरियल्स के प्रति उनका लगाव इतना गहरा था कि अभिनय उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया। अस्पाक कहते हैं “जब अपने फेवरेट एक्टर को अभिनय करते और गानों पर थिरकते देखा, तो वहीं से अभिनय करने की प्रेरणा मिली। करियर चुनने का समय आया तो उन्होंने खुद से वादा किया कि अब हर कदम एक्टिंग की दिशा में ही बढ़ेगा। यूट्यूब पर संघर्षरत कलाकारों की कहानियाँ पढ़कर उन्हें यकीन हुआ कि मेहनत और जुनून से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है। उनका पहला ब्रेक “कामधेनु गौ माता” सीरियल से मिला। रात के डेढ़ बजे जब कास्टिंग डायरेक्टर संतोष त्रिपाठी ने उन्हें सिलेक्शन की खबर दी, तो वह पल उनके लिए किसी सपने से कम नहीं था। गाँव के एक साधारण युवक के लिए यह एहसास जादुई था वह अब उस दुनिया में कदम रखने वाला था, जिसे वह बरसों से कल्पनाओं में जी रहा था। अस्पाक की जिंदगी में एक ऐसा मोड़ भी आया जिसने उन्हें भीतर तक बदल दिया। झांसी में थिएटर और फोटोग्राफी करते हुए एक पुलिस केस ने उन्हें गाँव छोड़ने पर मजबूर कर दिया। घर से भागकर मुंबई पहुंचे तो उन्होंने संघर्ष की पराकाष्ठा देखी कई रातें सड़कों पर बिताईं, भूखे सोए, और फिर भी अपने सपनो के तीछे लगे रहे। उसी समय उन्होंने सीखा कि दुनिया आपकी अच्छाइयाँ नहीं, बस आपकी गलतियाँ याद रखती है। सेट पर पहला दिन उनके लिए सपनों जैसा था। कैमरे के सामने खड़ा होकर उन्होंने महसूस किया कि आपकी मेहनत हमेशा काम आती है। अब उनका सपना है किसी वीर योद्धा का किरदार निभाना — जिसमें ताकत, साहस और देशभक्ति झलके। वर्तमान में वे फिल्म “अघोरम” में एक कांस्टेबल की भूमिका निभा रहे हैं और साथ ही एक वेब सीरीज़ पर भी काम कर रहे हैं। अगले पाँच सालों में वे खुद को बड़े प्रोडक्शन हाउस की फिल्मों में लीड एक्टर के रूप में देखते हैं। अस्पाक खांन की कहानी इस बात का प्रमाण है कि अगर हौसले बुलंद हों और जुनून सच्चा, तो मंज़िल खुद चलकर आपके कदमों में आती है। लेखक संपादक राहुल कुमार शुक्ला

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